भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: किसानों को सुरक्षा, निर्यात को बड़ा बढ़ावा

0
Piyush-Goel-PC-8_1770471392989_1770471414153

पीयूष गोयल बोले— समझौते से किसानों की आय बढ़ेगी, खुलेगा 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को भरोसा दिलाया कि भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने से किसानों को “काफी अधिक मूल्य” मिलेगा और उनकी आय में इजाफा होगा।

गोयल ने बताया कि भारत के किसान पहले ही कृषि और मत्स्य उत्पादों के जरिए 55 अरब डॉलर का निर्यात कर रहे हैं और यह समझौता इस आंकड़े को और आगे ले जाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में भारत का कुल आयात 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, जिससे अमेरिकी उत्पादों की मांग भी तेज़ी से बढ़ेगी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि दो पन्नों का ढांचा दस्तावेज़ सभी पहलुओं को पूरी तरह नहीं समेट सकता, लेकिन यह किसानों, निर्यातकों और एमएसएमई सेक्टर के लिए दीर्घकालिक लाभ की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि समझौते में संवेदनशील वस्तुओं पर शून्य टैरिफ कटौती और चुनिंदा उत्पादों को शून्य शुल्क का लाभ दिया गया है, साथ ही भारत की वैश्विक बाजार पहुंच का विस्तार किया गया है।

भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति

भारत और अमेरिका ने पारस्परिक और संतुलित व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौता ढांचा तय किया है। इसके तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा।

पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक बाजार के द्वार खोलेगा और भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति को मजबूत करेगा।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: मुख्य बिंदु

• अंतरिम ढांचे पर सहमति के बाद अमेरिका ने भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क हटाया, जो पहले रूसी तेल खरीद को लेकर लगाया गया था।

• भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और खाद्य-कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम करेगा, जबकि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत का रियायती शुल्क लगाएगा।

• भारत ने अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों से जुड़े गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई है। दोनों देश आपसी हित वाले क्षेत्रों में तरजीही बाजार पहुंच देंगे।

• समझौते के सफल क्रियान्वयन के बाद अमेरिका भारत के फार्मास्यूटिकल्स, रत्न-आभूषण और विमान कलपुर्जों समेत कई उत्पादों पर शुल्क समाप्त करेगा। भविष्य में शुल्क संरचना बदलने पर दोनों पक्ष संशोधन कर सकेंगे।

• भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके कलपुर्जे, कीमती धातु, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा जताया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *