भारत–कनाडा ऊर्जा साझेदारी को नई दिशा
भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 में दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग पर संयुक्त वक्तव्य पर किए हस्ताक्षर
गोवा | भारत ऊर्जा सप्ताह 2026:
भारत और कनाडा ने ऊर्जा क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त करते हुए भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के दौरान ऊर्जा सहयोग पर संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए। यह अवसर इसलिए भी ऐतिहासिक रहा क्योंकि यह भारत ऊर्जा सप्ताह में किसी कनाडाई कैबिनेट मंत्री की पहली उच्च-स्तरीय भागीदारी थी।
भारत के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री माननीय हरदीप सिंह पुरी के आमंत्रण पर कनाडा के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री माननीय टिमोथी हॉजसन ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान दोनों मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें भारत–कनाडा मंत्रिस्तरीय ऊर्जा संवाद को पुनः आरंभ करने पर सहमति बनी।बैठक में दोनों पक्षों ने ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण और आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। कनाडा ने एशिया के बाजारों में एलएनजी, एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने की अपनी क्षमता पर जोर दिया, जबकि भारत ने विश्व के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता और चौथे सबसे बड़े एलएनजी आयातक के रूप में अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को रेखांकित किया।
मंत्रियों ने द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करने, ऊर्जा क्षेत्र में पारस्परिक निवेश, और मूल्य श्रृंखला में व्यापार-से-व्यापार व व्यापार-से-सरकार सहयोग को प्रोत्साहित करने पर सहमति जताई। भारत द्वारा ऊर्जा क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला में प्रस्तावित 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश अवसरों को भी रेखांकित किया गया।
इसके साथ ही, दोनों देशों ने जलवायु लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, बैटरी भंडारण, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ प्रौद्योगिकियां और कार्बन कैप्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।
यह साझेदारी भारत और कनाडा को स्थिर, सुरक्षित और सतत वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगी।
