भारत के बाहर इस देश में बनेगा आईआईटी कैंपस, जानें यूजी-पीजी के कितने स्टूडेंट्स ले सकेंगे एडमिशन

IIT-In-Tanzania

भारत के बाहर पहला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) तंजानिया में खुलेगा। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को कहा कि भारत के बाहर पहला आईआईटी परिसर तंजानिया के ज़ांज़ीबार में बनेगा। ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास के कैंपस निर्माण के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया गया है। इस समझौते पर बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विनी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। जयशकर तंजानिया के दौरे पर हैं।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने कहा, “ये कैंपस भारत और तंजानिया के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को दर्शाता है और भारत की ओर से पूरे अफ्रीका में लोगों के बीच बेहतर संबंध पर ध्यान केंद्रित करने की याद दिलाता है।”

इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 सिफारिश करती है कि उच्च प्रदर्शन करने वाले भारतीय विश्वविद्यालयों को अन्य देशों में परिसर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि तंजानिया और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी को मान्यता देते हुए, दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करके शैक्षिक साझेदारी के रिश्ते को औपचारिक रूप दिया गया है जो पार्टियों को ज़ांज़ीबार-तंजानिया में आईआईटी मद्रास के प्रस्तावित परिसर की स्थापना की रूपरेखा प्रदान करता है।

जंजीबार-तंजानिया कैंपस में अक्टूबर में लॉन्च होगा प्रोग्राम

जानकारी के मुताबिक, इस कैंपस में अक्टूबर में प्रोग्राम लॉन्च होगा। इसमें यूजी के 50 और पीजी के 20 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलेगा। बता दें कि इस कैंपस में एडमिशन के लिए भारतीय छात्र में आवेदन कर सकते हैं।