भारत के उपराष्ट्रपति को मिलता है 4 लाख रुपये वेतन, जानें कौन-कौन सी मिलती हैं सुविधाएं
जम्मू डेस्क: उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ के अचानक इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो गया था। अब 9 सितंबर 2025 को नए उपराष्ट्रपति का चुनाव होना है। इस बार एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्ष ने बी. सुरदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है।
भारत के उपराष्ट्रपति को मासिक 4 लाख रुपये वेतन मिलता है, जिसमें महंगाई भत्ता भी शामिल होता है। इसके साथ ही उन्हें दिल्ली में आधिकारिक आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं, कार काफिला, मोबाइल, लैंडलाइन, सुरक्षा और स्टाफ जैसी विशेष सुविधाएं दी जाती हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में फीस में छूट भी उपलब्ध होती है। विदेश यात्रा पर उन्हें डिप्लोमैटिक पासपोर्ट और अन्य वीआईपी सुविधाएं मिलती हैं।
पद छोड़ने के बाद भी उपराष्ट्रपति को आधा वेतन पेंशन के रूप में दिया जाता है। साथ ही बंगला, स्टाफ और सुरक्षा जैसी सुविधाएं जीवनभर मिलती हैं। यहां तक कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को भी बंगला और कुछ सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—के सांसद करते हैं। यह मतदान गुप्त होता है और बैलेट पेपर के जरिए सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली से कराया जाता है। इसी प्रक्रिया से देश को जल्द ही 15वां उपराष्ट्रपति मिलेगा।
मुख्य बिंदु:
-
उपराष्ट्रपति का मासिक वेतन 4 लाख रुपये
-
आलीशान आवास, कार काफिला, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं
-
बच्चों की पढ़ाई में फीस छूट और विदेश यात्राओं पर डिप्लोमैटिक पासपोर्ट
-
पद छोड़ने के बाद आधा वेतन पेंशन और बंगला मिलता है
-
चुनाव संसद के दोनों सदनों के सांसद करते हैं
