Haryana Water Crisis: हथिनीकुंड बैराज पर जल संकट गहराया, जमीन तक सूखी! उत्तराखंड-हिमाचल की गर्मी ने बढ़ाई मुसीबत, बिजली उत्पादन भी प्रभावित
यमुनानगर : मानसून में लबालब रहने वाला हथिनीकुंड बैराज अब जल संकट से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि पानी का स्तर गिरने से जमीन तक दिखने लगी है। उत्तराखंड और हिमाचल में लगातार बढ़ती गर्मी के कारण यमुना का जलस्तर गिर रहा है, जिससे पानी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
9000 क्यूसेक से घटकर सिर्फ 1200 क्यूसेक पानी पहुंचा
सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय गर्ग के मुताबिक, अधिकतम 3000 क्यूसेक और न्यूनतम 1200 क्यूसेक पानी ही रिकॉर्ड किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत यूपी को 1500 क्यूसेक पानी दिया जाता था, लेकिन अब इसमें भी कटौती हो रही है।
बिजली उत्पादन पर भी संकट, बढ़ सकती है परेशानी
यमुना नहर में पहले जहां 9000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता था, अब इसमें भारी कमी आई है। इससे हाईडल पावर प्रोजेक्ट पर बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो गया है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में जल संकट और भी गंभीर हो सकता है।
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