हरियाणा सरकार ने करनाल में 100 एकड़ फार्मा पार्क के लिए नीति रिन्यू की मंजूरी, रोजगार और कारोबार में होगा बड़ा उछाल फार्मा हब बनने से प्रदेश में निवेश, रोजगार और सरकारी आय में वृद्धि; 30,000 लोग होंगे लाभान्वित, 150 फार्मा कंपनियां कर सकेंगी विस्तार
करनाल: हरियाणा सरकार ने करनाल में 100 एकड़ क्षेत्र में फार्मा पार्क बनाने के लिए 2018-19 की फार्मा पॉलिसी को रिन्यू करने की मंजूरी दे दी है। यह पॉलिसी 2024 में समाप्त हो गई थी। फार्मा कारोबारियों की मांग पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पॉलिसी को रिन्यू करने का निर्णय लिया।
हरियाणा फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (HPMA) के राज्य प्रधान आरएल शर्मा के अनुसार, करनाल का फार्मा पार्क बनने से लगभग 30,000 कुशल और अकुशल लोगों को रोजगार मिलेगा और देशभर से 150 फार्मा विनिर्माण इकाइयां स्थापित होंगी।
प्रदेश में पहले से 150 फार्मा कंपनियां सक्रिय हैं, जिनका सालाना कारोबार करीब 1,000 करोड़ रुपये है। फार्मा पार्क बनने के बाद यह कारोबार दोगुना होकर 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पार्क में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) भी होगा, जिससे छोटी कंपनियों को महंगी लैब सुविधाएं मिलेंगी और वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी।
हिमाचल और उत्तराखंड से लौट सकती हैं कंपनियां: 2024-25 में इन राज्यों को 10 साल के लिए टैक्स फ्री घोषित किया गया था, जिसके कारण कई हरियाणा की फार्मा कंपनियां वहां शिफ्ट हो गई थीं। अब समान नियम लागू होने से कंपनियां करनाल में अपनी नई यूनिट स्थापित कर सकती हैं।
फार्मा पार्क से कारोबारियों को मिलेगा फायदा:
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कुल निवेश पर 30% तक सरकारी सब्सिडी
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निवेश पर लिए गए कर्ज (लोन) पर 5% तक सब्सिडी
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बेहतर उत्पादन वातावरण और अन्य राज्यों के कारोबार से सीधा जुड़ाव
फार्मा हब की पहल: वर्ष 2017 में तत्कालीन केंद्रीय रसायन मंत्री अनंत कुमार ने करनाल में फार्मा पार्क बनाने का एलान किया था। अब राज्य सरकार ने इसे खुद बनाने और कैबिनेट एवं राज्यपाल की मंजूरी के साथ अधिसूचित कर दिया है।
