Haryana: 88 ब्लॉकों में पानी का संकट गहराया, भूजल खत्म होने की कगार पर – सरकार का बड़ा खुलासा सदन में स्वीकारोक्ति: 10 साल में 5.41 मीटर नीचे गया जलस्तर, कई जिलों में खारा और जहरीला पानी
चंडीगढ़: हरियाणा में पानी का संकट अब बेहद गंभीर होता जा रहा है। विधानसभा में सरकार ने खुद माना कि राज्य के 88 ब्लॉकों में भूजल खत्म होने की कगार पर है। भूजल का वार्षिक दोहन उपलब्धता से ज्यादा हो चुका है। वहीं, 11 ब्लॉकों को गंभीर, 8 को अर्ध-गंभीर और 36 को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
GWRE 2024 रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भूजल स्तर 2014 से 2024 के बीच औसतन 5.41 मीटर नीचे चला गया। सिरसा, हिसार, भिवानी, सोनीपत, जींद और गुरुग्राम सबसे ज्यादा प्रभावित जिले बताए गए। वहीं, नूंह, महेंद्रगढ़ और दक्षिण हरियाणा के कई जिलों में भूजल में नमक, आर्सेनिक, फ्लोराइड और यहां तक कि यूरेनियम तक मिला है।
पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने अत्यधिक उर्वरक के उपयोग को समस्या की जड़ बताया, जबकि नूंह के विधायक आफताब अहमद ने चेताया कि दूषित पानी से कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
सिंचाई और जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने माना कि दशकों से भूजल की गुणवत्ता बिगड़ रही है। सरकार ने अब तक 108.78 करोड़ रुपये खर्च कर 26,110 एकड़ जमीन से जलभराव हटाने का दावा किया है, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक हैं।
