हरक सिंह के हालिया बयान ने प्रदेश की सियासत में छेड़ी नहीं बहस
देहरादून। हरक सिंह रावत के ताज़ा बयान ने उत्तराखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अपने बेबाक बयान में हरक सिंह रावत ने न केवल खनन माफिया के साथ साठगांठ की बात कबूली, बल्कि स्वीकार किया कि वन मंत्री रहते हुए उन्होंने खनन ठेकेदारों से भाजपा के फंड के लिए 1 करोड़ रुपये वसूले थे। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक और मंत्री भी इस वसूली में शामिल थे, जिससे पार्टी ने 30 करोड़ रुपये का एफडी फंड तैयार किया।
यह बयान कई सवाल खड़े करता है। क्या हरक सिंह रावत का यह खुलासा ईडी की जांच से बचने की कोई रणनीति है? या फिर उनकी अंतरात्मा उन्हें अतीत की गलतियों का पर्दाफाश करने के लिए मजबूर कर रही है? जो भी हो, इस बयान ने भाजपा सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोल दी है। यह खुलासा 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की साख पर आखिरी कील ठोकने का भी काम करेगा।
