जानिये क्या हैं कानून और प्रक्रिया संबंधी बदलावों के बारे में जीएसटी परिषद के निर्णय।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद् की 38वीं बैठक आज नई दिल्ली में हुई। बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जीएसटी परिषद् ने निम्न अनुशंसाएं की :-
- जोन/राज्य स्तर पर शिकायत निवारण समिति (जीआरसी) का गठन किया जाएगा। समिति में सीजीएसटी और एसजीएसटी अधिकारियों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं अन्य जीएसटी हितधारक (जीएसटी का कार्य करने वाले और जीएसटीएन आदि) शामिल होंगे। ये समितियां जोन/राज्य स्तर पर कर प्रदाताओं के विशिष्ट/सामान्य शिकायतों का निवारण करेंगी।
- वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए फॉर्म जीएसटीआर-9 में सालाना रिटर्न की अंतिम तारीख और फॉर्म जीएसटीआर-9सी में समझौता वक्तव्य की अंतिम तारीख को 31 जनवरी, 2020 तक बढ़ा दिया गया है।
- फॉर्म जीएसटीआर-1 की फाइलिंग को बेहतर बनाने के लिए जुलाई 2017 से नवंबर 2019 तक सभी लंबित फॉर्म जीएसटीआर-1 के संदर्भ में सभी करप्रदाताओं को विलंब शुल्क की छूट दी जाएगी यदि फॉर्म 10 जनवरी, 2020 तक भरे जाते हैं। ऐसे टैक्स प्रदाता जिन्होंने 2 टैक्स अवधियों के लिए फॉर्म जीएसटीआर-1 फाइल नहीं किया है उनके ई-वे बिल को रोक दिया जाएगा।
- इनवॉयस या डेबिट नोटों के संबंध में प्राप्तकर्ता के इनपुट टैक्स क्रेडिट को इनवॉयस या डेबिट नोटों के संबंध में फॉर्म जीएसटीआर-2ए में दिखाई गई ऋण पात्रता के 10 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है यदि इन्हें फॉर्म जीएसटीआर-2ए में दिखाया नहीं गया है
- नकली इनवॉयस की समस्या से निपटने के लिए धोखाधड़ी से प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट को रोकने के लिए उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
- फॉर्म जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं करने के मामलों में कार्रवाई के संदर्भ में टैक्स अधिकारियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी।
- कुछ पूर्वोत्तर राज्यों के संदर्भ में नवंबर, 2019 के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है।
- परिषद ने विभिन्न कानूनों में संशोधनों को भी मंजूरी दी है जिसे बजट 2020 में शामिल किया जाएगा।
