चारधाम रूट पर तीस दिन में चार हेलीकॉप्टर हादसे, आखिर इन हादसों का जिम्मेदार कौन?
केदारनाथ में आज एक अप्रत्याशित घटना के तहत क्रिस्टल एविएशन के एक हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने के कुछ देर बाद एहतियातन सड़क पर लैंडिंग करनी पड़ी। क्रेस्टेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के एक हेलीकॉप्टर में शनिवार दोपहर टेक-ऑफ के दौरान तकनीकी खामी आ गई। पायलट ने समय पर परिस्थिति भांपते हुए पास में ही सड़क पर आपातकालीन लैंडिंग करवाई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। हालांकि आपातकालीन लैंडिंग के दौरान पायलट को मामूली चोट आई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मौके पर टीम को रवाना कर हेलीकॉप्टर को सड़क से हटवाने का कार्य कराया, जिससे यातायात सुचारू रूप से चल रहा है।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि क्रेस्टेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का एक हेलीकॉप्टर अपने बड़ासू स्थित बेस से श्री केदारनाथ धाम के लिए पाँच यात्रियों के साथ टेक-ऑफ कर रहा था। इसी दौरान हेलीकॉप्टर में कुछ तकनीकी खामी आ गई। पायलट ने समय रहते खामी को भाँप लिया और नज़दीक में खाली सड़क देखकर आपातकालीन लैंडिंग करवाई।
हेलीकॉप्टर में सवार सभी पांचों यात्री सुरक्षित हैं, जबकि पायलट को हल्की चोट आई है। आपातकालीन लैंडिंग के दौरान सड़क पर खड़ी एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। उक्त घटना का हेली शटल सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
चालीस दिनों में चार हादसे
उत्तराखंड में 30 दिनों की चारधाम यात्रा के दौरान कई बार हेलीकॉप्टरों ने संतुलन खोया है। कई ऐसे हादसे भी हुए हैं, जिनमें लोगों की जान गई है।
साल 2025 की चारधाम यात्रा के दौरान पहला हेलीकॉप्टर हादसा पिछले महीने 8 मई को हुआ था। यह हादसा ट्रांस एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर के साथ हुआ। इस हादसे में 6 लोगों की जान चली गई थी। देहरादून से उत्तरकाशी के लिए जब यह हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहा था तभी झाला के पास अचानक से हेलीकॉप्टर का संतुलन बिगड़ा। इसके बाद हेलीकॉप्टर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
13 मई को बदरीनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर वापस लौट रहा हेलीकॉप्टर अचानक तकनीकी खामी की वजह से डगमगाने लगा था। पायलट की सूझबूझ से उसकी तत्काल इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई थी। यह लैंडिंग ऊखीमठ में की गई थी।
17 मई को केदारनाथ जा रहा ऋषिकेश एम्स का हेलीकॉप्टर हेलीपैड से चंद कदमों की दूरी पर ही अचानक क्रैश हो गया था। घूमते हुए पंखे और डगमगाता हुआ हेलीकॉप्टर पहाड़ी पर उतरता है। इस दौरान हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा इस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है।
7 जून यानि शनिवार को भी तकनीक खराबी के कारण केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बडासू के पास एक हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग हुई। इस हेलीकॉप्टर ने सिरसी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी। इसमें पायलट समेत 6 लोग सवार थे। अच्छी बात ये रही कि इस क्रैश लैंडिंग में कोई जनहानि नहीं हुई।
लेकिन अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिरकार 40 दिनों में 4 हेलीकॉप्टर हादसों के बाद भी सबक क्यों नहीं लिया जा रहा है। आखिरकार गलती किसकी है।
