पश्चिम बंगाल: पंचायत चुनावों में जीते पांच ‘वॉट्सऐप कैंडिडेट्स’

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पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में वॉट्सऐप के जरिए नामांकन दाखिल करने वाले पांच निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत हासिल हो गई है। खास बात यह है कि इन प्रत्याशियों को जीत दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में मिली है, जहां पावर ग्रिड लगाने के खिलाफ अभियान चल रहा है।

भांगर में कुल 9 निर्दलीय प्रत्याशियों ने ताल ठोंका था, जिनमें से 5 को जीत हासिल हुई है। अन्य सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी विजयी हुए हैं। सभी निर्दलीय प्रत्याशियों को ‘जमी जिबिका बस्तु ओ परिबेश रख्खा समिति’ का समर्थन हासिल था, जिससे इलाके में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के द्वारा बनाए जा रहे सबस्टेशन के खिलाफ तेज हो रहे अभियान का पता चलता है।

सभी निर्दलीय प्रत्याशियों ने कुछ पार्टियों द्वारा नामांकन करने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद कोर्ट ने 9 निर्दलीय प्रत्याशियों को वॉट्सऐप के जरिए नामांकन फाइल करने का निर्देश दिया था।

सभी निर्दलीय प्रत्याशियों को वॉट्सऐप के जरिए नामांकन फाइनल होने के बाद प्रचार के लिए केवल तीन दिनों का समय मिला, लेकिन 5 ने जीत दर्ज कर लिया। चुनावों के दौरान प्रदेश के अन्य हिस्सों की ही तरह यहां भी जबर्दस्त हिंसा देखने को मिली। पक्ष और विपक्ष दोनों ने एक-दूसरे पर हिंसा का आरोप लगाया।

अराबुल इस्लाम ने पंचायत समिति सीट पर जीत दर्ज की, जबकि उनके बेटे हकीमुल इस्लाम ने ग्राम पंचायत सीट पर जीत हासिल की। वहीं अराबुल की बहू शेफाली खातून ने जिला पंचायत सीट पर जीत दर्ज की। अराबुल की जीत पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि भांगर में आंदोलन शुरू होने के बाद ही अराबुल को अरेस्ट कर जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने जेल की सलाखों के पीछे से ही जीत दर्ज की। इससे लोगों के सपॉर्ट का पता चलता है। लेकिन वे माओवादियों की सहायता से समस्या पैदा कर रहे हैं। जनता हमारे ही साथ है।’

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