अनिल अंबानी की कंपनियों पर ED का शिकंजा: 50 ठिकानों पर छापेमारी, 3000 करोड़ के लोन घोटाले की जांच तेज
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2025 – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (RAAGA कंपनियों) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। देशभर में 48 से 50 ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई दो FIR के आधार पर की गई है।
जांच में खुलासा हुआ है कि RAAGA समूह की कंपनियों ने बैंकों से लिए गए लोन का दुरुपयोग किया और इन पैसों को दूसरी कंपनियों में घुमाकर आम निवेशकों, सरकारी संस्थाओं और जनता के साथ धोखाधड़ी की।
क्या हैं आरोप?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 2017 से 2019 के बीच Yes Bank से 3000 करोड़ रुपये का लोन लिया गया, जिसे बाद में विभिन्न कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया। जांच में यह भी पता चला है कि लोन पास करवाने के लिए बैंक अधिकारियों और प्रमोटरों को रिश्वत दी गई थी।
Yes Bank द्वारा इन कंपनियों को लोन देने में नियमों की अनदेखी की गई। जरूरी दस्तावेजों को बैकडेट में तैयार किया गया, बिना किसी क्रेडिट एनालिसिस के भारी-भरकम राशि का लोन पास किया गया।
ED के निशाने पर कौन-कौन?
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Reliance Home Finance Ltd (RHFL)
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Yes Bank के तत्कालीन अधिकारी
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अनिल अंबानी ग्रुप की सहयोगी कंपनियां
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कुछ संदिग्ध डायरेक्टर और एड्रेस, जिनका मेल एक जैसे कंपनियों में मिला
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, कई बार एक ही दिन में लोन एप्लाई और डिसबर्स कर दिए गए। कुछ मामलों में लोन पास होने से पहले ही राशि ट्रांसफर कर दी गई थी।
बड़ी संस्थाओं ने दी अहम जानकारियाँ
इस जांच में कई सरकारी संस्थाओं ने ED का सहयोग किया है।
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SEBI ने RHFL से जुड़े एक मामले में जानकारी दी है, जहां एक साल में कॉरपोरेट लोन 3742 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8670 करोड़ कर दिया गया।
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National Housing Bank (NHB)
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National Financial Reporting Authority (NFRA)
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Bank of Baroda
इन सभी संस्थाओं ने RAAGA समूह की वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज प्रवर्तन निदेशालय को सौंपे हैं।
आगे की कार्रवाई
ईडी का यह सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। जांच एजेंसी लोन वितरण से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, ईमेल कम्युनिकेशन और कंपनियों के फाइनेंशियल रिकॉर्ड खंगाल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में अनिल अंबानी सहित ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।
