ई-अस्पताल बनने जा रहे हैं उत्तराखंड के ये 10 प्रमुख अस्पताल

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E-Hospital-Scheme
वर्ष 2015 से शुरू हुआ प्रधानमंत्री मोदी का डिजिटल इंडिया अभियान एक कदम और आगे बढ़ गया है।

राष्ट्रीय हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत प्रदेश के दस अस्पतालों को ई-अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत अल्मोड़ा से हो रही है। ई सिस्टम से जुड़ने के बाद ये सभी अस्पताल ऑनलाइन हो जाएंगे। ई अस्पताल के मरीजों को यूनीक आईडी भी मिलेगी। आईडी के जरिए मरीज ई-अस्पतालों में जाकर अपनी पूरी जानकारी डॉक्टर को उपलब्ध करा सकेगा।

राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के तहत प्रदेश के दस अस्पतालों को ई-अस्पताल बनाने की कवायद शुरू हो गई है। अल्मोड़ा जिला अस्पताल से इसकी शुरुआत होगी। ई-अस्पताल के लिए एनआईसी त्रिपुरा की टीम ने अप्लीकेशन तैयार किया है। सिल्वर टच टेक्नोलॉजी नई दिल्ली इसका क्रियान्वयन कर रही है। सिल्वर टच के इंजीनियर दो माह के भीतर अल्मोड़ा जिला अस्पताल को ई-अस्पताल बना देंगे।

इन जिलों में बनेंगे ई अस्पताल

अल्मोड़ा पहुंचे कंपनी के इंजीनियर अनिल द्विवेदी और रत्नेश कुमार ने  बताया कि इन दो माह में अस्पताल में ओपीडी काउंटर, ओपीडी में मरीजों का रजिस्ट्रेशन, भर्ती मरीजों की डिटेल, बिलिंग, टेस्ट चार्जेज, इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की जानकारी के अलावा इंटरनेट स्पीड आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के अलावा अस्पताल कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

ई अस्पताल बनने के बाद मरीजों की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में संरक्षित हो जाएगी। इस दौरान मरीज मोबाइल के जरिए भी ई अस्पताल में रजिस्ट्रेशन करा सकेगा। प्रदेश के जिन अस्पतालों को ई-अस्पताल बनाया जा रहा है उनमें महिला और जिला अस्पताल हरिद्वार, एसपीएस ऋषिकेश, कोरोनेशन अस्पताल देहरादून, बेस अस्पताल हल्द्वानी, जिला अस्पताल अल्मोड़ा, जिला अस्पताल ऊधमसिंह नगर, मेडिकल कालेज श्रीनगर गढ़वाल, दून मेडिकल कालेज देहरादून और मेडिकल कालेज हल्द्वानी शामिल हैं।

प्रदेश के दस अस्पतालों को ई-अस्पताल बनाया जा रहा है। प्रथम चरण में अल्मोड़ा के जिला अस्पताल से इसकी शुरुआत की जा रही है।
– डॉ. विनोद टोलिया, प्रभारी अधिकारी एचआर, एनएचएम, उत्तराखंड

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