हर्षिल से खतरा टला!झील को पंक्चर करने में मिली कामयाबी
उत्तरकाशी। हर्षिल में बनी झील को पंचर करने में शनिवार को सफलता प्राप्त हुई। झील से पानी की निकासी करने के लिए उत्तराखंड जल विद्युत निगम, सिंचाई विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरफ, स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नदी के बराबर एक नहर बनाकर झील के पानी को चैनेलाइज किया गया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विभिन्न विभागों के 30 से अधिक कर्मचारियों ने शनिवार को युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए पानी की निकासी करने में सफलता प्राप्त की। झील से पानी की निकासी से झील का जलस्तर घटने लगा है।
बता दें कि 5 अगस्त को धराली में आई आपदा के बाद धराली और हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का बहाव बाधित हो गया था। हर्षिल में नदी के मुहाने पर बड़े-बड़े बोल्डर, पेड़ और मिट्टी फंसने से नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया। यहां 15 फीट की झील बन गई जिसका दायरा 1200 मीटर तक पहुंच गया था। उत्तरकाशी में लगातार हो रही बरसात से हालात और बिगड़ गए। पानी की निकासी बेहद कम होने की वजह से झील का स्तर लगातार बढ़ गया। गंगोत्री हाईवे भी झील में समा गया और आसपास के गांवों के लिए खतरा बढ़ गया।
झील के इस बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यूजेवीएनएल और सिंचाई विभाग के 30 इंजीनियरों की टीम के साथ ही सेना एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने झील को पंचर करने का मोर्चा संभाला। तीन दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार सुबह झील को पंचर करने में बड़ी सफलता हाथ लगी। विशेषज्ञ अब भी लगातार झील की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी नई स्थिति से निपटा जा सके।
