CRPF जवान ने सुकमा में अपने ही साथियों पर चलाई गोली, 4 की मौत; सीएम भूपेश बघेल ने घटना को बताया दुर्भाग्यजनक

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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के मरईगुड़ा के लिंगनपल्ली कैम्प में CRPF जवान रितेश रंजन ने सोमवार तड़के अपने ही साथी जवानों पर गोली चला दी है. इस घटना में मौके पर ही चार जवान धनजी, राजीब मंडल, राजमणि कुमार यादव और धर्मेंद्र कुमार की मौत हो गई है, जबकि 3 जवान धनंजय कुमार सिंह, धरमात्मा कुमार और मलय रंजन महाराणा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.

वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना में 4 जवानों की मौत की दुर्भाग्य जनक घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं. सीएम ने घटना में मृतक जवानों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. मुख्यमंत्री ने इस घटना में घायल जवानों के बेहतर इलाज के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं.

आरोपी जवान हिरासत में

राज्य के बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी पुलिस को जानकारी मिली है कि आज तड़के करीब 3.15 बजे जवान रितेश ने विवाद के बाद अपनी एके—47 राइफल से अन्य जवानों पर गोली चला दी. इस घटना में सात जवान घायल हो गए है.उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही अन्य जवान और अधिकारी वहां पहुंच गए.

अधिकारियों और जवानों ने आरोपी जवान को पकड़ा तथा घायल जवानों को तेलंगाना के भद्राचलम​ जिले के अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने चार जवानों को मृत घोषित कर दिया जबकि तीन जवानों का इलाज किया जा रहा है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी जवान से पूछताछ की जा रही है. उससे पूछताछ के बाद घटना के कारणों के बारे में जानकारी मिल सकेगी.

नक्सलियों ने सुकमा में स्कूल छात्रा समेत पांच ग्रामीणों का अपहरण किया

सुकमा जिले में नक्सलियों ने एक गांव से पांच लोगों का अपहरण कर लिया जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि कोंटा थाने से जंगल के अंदर 18 किलोमीटर दूर स्थित बातेर गांव में ये घटना घटी है. यह इलाका राजधानी रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर है.

सुकमा के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों का एक समूह शनिवार शाम को गांव पहुंचा और वे सातवीं की एक छात्रा समेत पांच ग्रामीणों को जबरन अपने साथ ले गये. आज दोपहर बाद अपहरण की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.

आदिवासी समाज ने नक्सलियों से ग्रामीणों को छोड़ने की अपील की

उन्होंने कहा, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि उनका अपहरण क्यों किया गया. माओवादी कई बार ग्रामीणों को बैठकों के लिहाज से कुछ समय के लिए भी अपने साथ ले जाते हैं. बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों के संगठन सर्व आदिवासी समाज ने नक्सलियों से ग्रामीणों को छोड़ने की अपील की है.

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