भ्रष्टाचारः यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक होंगे बाहर, सीएम कार्यालय ने की फाइल तलब
देहरादून। उत्तराखंड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एस0एन0 वर्मा के लिए आगे की राह काफी मुष्किल भरी हो गयी है। आये दिन भ्रष्टाचार कीे शिकायत के बाद सीएम कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्मा के उपर लगे आरोप व विभिन्न संगठनों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए वर्मा को बाहर करने का मन बना दिया है। यही वजह है कि उर्जा सचिव को दो टूक कह दिया गया है कि अब वर्मा को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
गौरतलब हो कि दस्तावेज ने भी पाच दिन पूर्व यूजेवीएनएन के प्रबंध निदेषक पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप नाम से खबर प्रकाषित की थी। जिस में बताया गया था कि कैसे अपनी चहेती कंपनी को एडजेस्ट करने के लिए यूजेवीएनएल प्रबंधन ने नियमों को ताक पर रखकर टैंडर में खेल किया। यूजेवीएनएल प्रबंधन द्वारा ई0आर0पी0 में भाग लेने वाली दो कंपनियों में ऐसी कंपनी का चयन किया गया, जिसने निविदा प्रक्रिया में दूसरी कंपनी के मुकाबले 5 करोड से अधिक की निविदा भरी थी। लेकिन निगम प्रबंधन द्वारा उक्त कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर भ्रश्टाचार का खेल खेला गया।

जिसकी गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने उर्जा सचिव को निर्देष जारी कर तत्काल उक्त प्रकरण की जांच कर दस दिनों के भीतर निस्तारण करने को कहा है। साथ ही निगम के प्रबंध निदेषक एस0एन वर्मा के खिला अबतक मिली षिकायत और उनकी तैनाती से संबंधित जानकारी भी तलब की है। सीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सरकार एस0एन0 वर्मा को किसी भी दिन कार्यमुक्त कर सकती है। जिससे यह संदेष दिया जा सके कि सीएम किसी भी प्रकार से भ्रश्टाचार को बर्दाष्त नहीं करेंगे।

उधर उत्तराखण्ड ऊर्जा कामगार संगठन ने भी मोर्चा खोल दिया है। एक दिन पूर्व इसी संबंध में की एक दिन पूर्व संगठन के केन्द्रीय कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गयी। जिसमें मुद्दा जल विद्युत निगम प्रबन्धन द्वारा किये जार रहे भ्रश्टाचार की जांच की मांग की गयी। संगठन ने एक स्वर में कहा कि यूजेविएनएल में ई0आर0पी0 लागू किया गया तथा ई0आर0पी0 को लागूकरने में लगभग 5 करोड़ रूपये अधिक रेट देने वाली फर्म मै0 असेंचर सल्यू सनप्राईवेट लि0 को काम दे दियागया। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक बेनिवाल ने कहा कि जबतक निगम में व्याप्त भ्रश्टाचार की जांच नहीं होती तबतक संगठन का अभियान जारी रहेगी। बेनिवाल का दावा है कि उक्त टैंडर खेल में उत्तराखंड पाॅवर कारपोरेषन के एक प्रमुख अधिकारी का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि काॅरपोरेषन के अधिकारी खुलासा जल्द संगठन करने जा रहा है।

पिछले लंबे समय से संठन यह मांग उठाा रहा है कि निगम प्रबंधन द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। अब तो दस्तावेज भी सरकार को उपलब्ध करा दिये गये है। निगम के भ्रष्टाचार के कारण निगम को हर साल करोडों का नुकशान हो रहा है। जिसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को कई बार की जा चुकि है। समय रहते निगम कर्मचारियों के खिलाफ हो रहे अन्याय और निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को नहीं रोका गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जायेगा।
दीपक बेनिवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, उर्जा कामगार संगठन
