ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए देव दूत बना भारतीय वायुसेना, विदेश से किया जाएगा एयरलिफ्ट
कोरोना से मचे हाहाकार के बीच देशभर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से मरीजों की सांसों थम रही है। इस महासंकट के बीच अब वायुसेना ने मोर्चा संभाल लिया है. एयरफोर्स अब ऑक्सीजन कंटेनर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने में जुट गई है। हालत गंभीरता को देखते हुए सरकार ने वायुसेना की मदद ली जा रही है। वायुसेना के विमान ऑक्सीजन टैंक, सिलेंडर, जरूरी दवाएं और चिकित्सकीय उपकरण एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे हैं। चिकित्साकर्मियों को भी एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
इंडियन एयर फोर्स के विमान देशभर में स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा उपकरणों को भी एयरलिफ्ट करा रही है। वायुसेना के विमान ऑक्सीजन टैंकों को देशभर में फिलिंग स्टेशन तक पहुंचा रहे हैं, ताकि देशभर में अस्पतालों तथा जरूरतमंदों के बीच ऑक्सीजन तेजी से पहुंचाया जा हो सके। इसी कड़ी में वायुसेना के विमानों के जरिये पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में ऑक्सीजन कंटेनर पहुंचाए गए।
Two IAF C-17 aircraft airlifted two empty cryogenic oxygen containers and one IL-76 aircraft airlifted one empty container to Panagarh yesterday#COVID19 pic.twitter.com/AJ0cBQS7Wb
— ANI (@ANI) April 23, 2021
बताया जा रहा है कि देश में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन कंटेनर्स का अभाव होने के कारण उनका ट्रांसपोर्टेशन मुश्किल हो रहा है। माना जा रहा है कि इससे देश में ऑक्सीजन आपूर्ती बेहतर हो सकेगी। दिल्ली के कोविड केंद्रों के लिए बैंगलोर से DRDO के ऑक्सीजन कंटेनरों को भी एयरलिफ्ट किया है। DRDO भी अस्पताल आदि के निर्माण में सहयोग दे रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सभी रक्षा प्रतिष्ठानों को प्रयासों में तेजी लाने और देश भर में लोगों की हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया था।
#WATCH Indian Air Force (IAF) roped in to transport oxygen tanks#COVID19 pic.twitter.com/7TqLdwYOlh
— ANI (@ANI) April 23, 2021
सूत्रों की मानें तो सरकार विदेशों से ऑक्सीजन कंटेनर्स मंगाने के लिए वायुसेना की मदद ले सकती है। सरकार विदेशों से कंटेनर्स लाने के लिए भारतीय वायु सेना के उपयोग का विकल्प तलाश रही है। इतना ही नहीं, वायुसेना अब 23 मोबाइल ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स को जर्मनी से एयरलिफ्ट करेगी। ताकि अस्पतालों के पास इन्हें लगाया जा सके और ऑक्सीजन की सप्लाई को सुचारू रूप से चालू रखा जाए।
इससे पहले भी कोरोना के बुरे दौर में वायुसेना ने ऑक्सीजन कंटेनर, सिलेंडर, दवा समेत कई चीजों के जरिए देश की मदद की है। इससे पहले भी कोरोना के बुरे दौर में वायुसेना ने ऑक्सीजन कंटेनर, सिलेंडर, दवा समेत कई चीजों के जरिए देश की मदद की है।
