कोरोना संकट : मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना लाभांश जमा करेंगे राज्य सहकारी बैंकः डाॅ धन सिंह

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देहरादूनः सहकारिता, दुग्ध विकास एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए उचित सामाजिक दूरी बनाये रखने के बीच आज अपने आवास पर सहकारिता बैक एवं सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाई। विभागीय बैठक में सहकारिता मंत्री ने लाॅकडाउन में सहकारिता बैकों के कार्यों की सराहना की। इस मौके पर डाॅ. रावत ने कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए राज्य सहकारी बैंकों के प्राप्त लाभांश से मुख्यमंत्री राहत कोष में धनराशि जाम की जायेगी।

सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में सहकारिता बैंक की सभी 289 शाखाओं पर बैंकिंग सुविधाएं निरंतर जारी है। इसके अलावा सभी 101 एटीएम भी चालू हैं। इसके साथ ही डाॅ रावत ने बताया कि प्रदेश के 10 जनपदों में मोबाइल वैन भी उपलब्ध कराई गई है। जिसमें से 07 जिलों में मोबाइल वैन ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं प्रदान कर रही है। ताकि उपभोक्ताओं को उनके घर के पास ही नकद धनराशि मिल सके। वहीं उन्होंने बताया कि कोरोना वाइरस (कोविड-19) महामारी से बचाव के लिए राज्य सहकारी बैंकों के प्राप्त लाभांश से मुख्यमंत्री राहत कोष में फंड जमा किया जायेगा।

वहीं उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि बैठक में कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऋण जमा हेतु एकमुश्त समझौता योजना को 01 मार्च से 31 मार्च 2020 तक लागू किया गया था। लेकिन समीक्षा बैठक में इसे बढ़ाकर 100 दिनों के लिए लागू करने पर सहमति बनी है। वहीं उन्होंने बताया कि बैठक में दिव्यांग एवं ऐसे महिला कर्मचारी जिसके बच्चे छोटे हों उनको लाॅकडाउन की अवधि में स्वैच्छिक रूप से छूट प्रदान की जायेगी। हालांकि अति आवश्यक होने पर ही उन्हें बैंक कार्य के लिए बुलाया जायेगा।

इस मौके पर सहकारिता समितियों के निबंधक बी.एम. मिश्रा ने बताया कि विभागीय समीक्षा बैठक में कोरोन संक्रमण की रोकथाम को लेकर कई अहम निर्णय लिये गये। उन्होंने बताया कि इस महामारी से हुये नुकसान को ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से धान एवं गेंहूं खरीद के लिये पहले ही समुचित व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी। जिसके तहत समयानुसार कृषकों को उसका उचित मूल्य दिलवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सहकारी समितियों के माध्यम से वर्तमान में ग्रामीण अंचल में राशन आपूर्ति के संबंध में कर्मचारियों से सहयोग की अपेक्षा भी बैठक में की गई है। वहीं सहकारिता सचिव आर. मिनाक्षी सुंदरम ने कहा कि भारतीय रिर्जव बैंक एवं नाबार्ड द्वारा जारी मानकों को सहकारी बैंकों को कार्य करने के निर्देश दिये गये हैं।

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