अपनी किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ को लेकर बुरे फंसे सलमान खुर्शीद, हिंदुत्व की आईएसआईएस और बोको हरम से की तुलना

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की नई किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ विवादों में घिर गई है. इस किताब में उन्होंने हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठनों आईएसआईएस और बोको हराम जैसे कट्टरपंथी समूहों से की है और इस पर विवाद शुरू हो गया है. साथ में खुर्शीद पर केस भी दर्ज कर लिया गया है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपनी नई किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ में ‘द सैफ्रन स्काई’ नाम के एक चैप्टर में यह टिप्पणी की है. इस किताब में उन्होंने लिखा है कि वर्तमान दौर में हिंदुत्व का राजनीतिक रुप, साधु-संतों के सनातन और प्राचीन हिंदू परंपरा को किनारे लगा रहा है.

दूसरी ओर, सलमान खुर्शीद के खिलाफ इसको लेकर बुधवार को एक आपराधिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है. दिल्ली के एक वकील विवेक गर्ग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से कांग्रेस नेता के खिलाफ ‘आतंकवाद के साथ हिंदू धर्म की तुलना करने और उसे बदनाम करने’ को लेकर केस दर्ज करने का अनुरोध किया था.

बीजेपी ने साधा निशाना

कांग्रेस नेता की नई किताब को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कांग्रेस नेता पर जमकर निशाना साधा गया है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस नेता पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के सलमान खुर्शीद ने अपनी नई किताब में लिखा है कि हिंदुत्व आईएसआईएस और बीको हराम जैसे जिहादी इस्लामी समूहों के समान है. हम उस व्यक्ति से और क्या उम्मीद कर सकते हैं जिसकी पार्टी ने सिर्फ इस्लामिक जिहाद के साथ समानता लाने और मुस्लिम वोट पाने के लिए भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ा?

कांग्रेस की सच्ची मानसिकताः गौरव भाटिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि यह कांग्रेस की सच्ची मानसिकता को दर्शाता है. वे हिंदुओं के साथ कृत्रिम समानता बनाकर आईएसआईएस के कट्टरपंथी तत्वों को वैध बनाने की कोशिश करते हैं.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सलमान खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ के लॉन्चिंग अवसर पर कहा कि 6 दिसंबर, 1992 को जो कुछ भी हुआ वो गलत हुआ था. 6 दिसंबर 1992 को जो कुछ भी हुआ वह बहुत गलत था. यह एक ऐसी घटना थी जिसने हमारे संविधान को बदनाम कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि इस घटना से दो समुदायों के बीच एक अटूट खाई तैयार हो गई. यह पूरी तरह से गलत था. मैं 100 बार कहूंगा कि यह बेहद गलत हिआ था. करीब 300 लोग आरोपी थे और वे बरी हो गए, तो जैसे किसी ने जेसिका को नहीं मारा, ऐसे ही किसी ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त भी नहीं किया.