हरिद्वार रैली के बाद साफ संकेत, हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनावी तैयारी

0
Uttarakhand-BJP-State-Government

देहरादून।
उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर ‘हिंदुत्व’ का मुद्दा केंद्र में आता दिखाई दे रहा है। आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी अपनी रणनीति को धार देने में जुटी है। हाल ही में हरिद्वार में आयोजित जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण से यह संकेत मिले हैं कि भाजपा आगामी चुनावों में भी हिंदुत्व के मुद्दे को प्रमुखता से आगे बढ़ा सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश में वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली सफलता के पीछे हिंदुत्व के मुद्दे और उससे जुड़ा राजनीतिक ध्रुवीकरण एक महत्वपूर्ण कारक रहा है। इसी रणनीति के चलते भाजपा ने लगातार दो बार सत्ता हासिल की।

हाल के समय में प्रदेश में घुसपैठ के मुद्दे पर सख्ती, समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल और जनसांख्यिकीय असंतुलन जैसे विषयों को लेकर भाजपा लगातार अपनी राजनीतिक लाइन स्पष्ट करती नजर आ रही है। हरिद्वार की जनसभा में अमित शाह द्वारा इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा हिंदुत्व के साथ-साथ विकास, सुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को भी अपनी चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाएगी।

प्रदेश में विपक्ष के बढ़ते तेवरों के बीच भाजपा संगठन भी नए सिरे से अपनी जमीन मजबूत करने में जुटा हुआ है। पार्टी के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की चुनौती को देखते हुए हिंदुत्व और विकास के मिश्रित एजेंडे पर काम किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

हरिद्वार की रैली के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा आने वाले समय में अपनी पारंपरिक राजनीतिक लाइन पर चलते हुए हिंदुत्व के मुद्दे को फिर प्रमुखता से सामने रख सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *