कैंपस न्यूजः श्रीदेव सुमन विवि के निजी और अशासकीय काॅलेजों में सेमेस्टर सिस्टम खत्म, शासनादेश जारी

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देहरादूनः श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम को लेकर उपजे विवाद का शासन ने पटाक्षेप कर दिया है। शासन द्वारा पूर्व में जारी एक शासनादेश के तहत श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय ने सिर्फ राजकीय महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम को खत्म कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली का फैसला लिया था। लेकिन निजी और अशासकीय महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम को लागू रहने दिया। जिसके बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के कुलपति का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया था। जिसका संज्ञान लेकर शासन ने विश्वविद्यालय को निजी और अशासकीय महाविद्यालयों में भी वार्षिक परीक्षा पैटर्न लागू करने के लिए शासनादेश जारी किया।

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम को खत्म करने के लिए मंगलवार को शासन द्वारा शासनादेश जारी किया गया। शासनादेश में स्पष्ट किया गया कि विश्व्विद्यालय के सभी परिसरों को छोड़ कर राजकीय महाविद्यालयों की भांति अशासकीय और निजी महाविद्यालयों में भी वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू की जाय। सेमेस्टर सिस्टम को खत्म करने के लिए शासनादेश जारी हो से साफ हो गया है कि विश्वविद्यालय से संबंद्ध सभी काॅलेजों में एक समान परीक्षा प्रणाली लागू होगी। जिससे छात्रों के बीच उपजा असमंजस भी खत्म हो गया है।

वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि पूर्व में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सिर्फ राजकीय महाविद्यालयों में वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू करने के निर्णय से छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। जिसको लेकर सभी छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया कि इस निर्णय से छात्रों को दिक्कतें आ रही है। लिहाजा छात्र हित में एक समान परीक्षा प्रणाली लागू की जाय। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया अडियल बना रहा। लेकिन शासन ने छात्रों की समस्या को गंभीरता से लिया और शासनादेश जारी कर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू करने को कहा।

उधर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश में एक तरह की व्यवस्था बहाल की गई है। यह निर्णय पहले ही विश्वविद्यालय स्तर पर लिया जाना चाहिये था। अब परीक्षा प्रणाली की स्थिति साफ हो गई है। यह निर्णय छात्र हित में लिया गया है जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जायेगा।

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