बजट 2026 से उत्तराखंड को नई रफ्तार
हेल्थकेयर, मेडिकल टूरिज्म और इको-फ्रेंडली पर्यटन पर केंद्र का बड़ा फोकस
केंद्रीय बजट 2026 ने उत्तराखंड के स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन आधारित विकास के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। केंद्र सरकार ने मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने, पर्यावरण के अनुकूल ट्रैकिंग ट्रेल्स विकसित करने और आयुर्वेद को बढ़ावा देने जैसी योजनाओं की घोषणा की है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन, आयुर्वेद और फार्मा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इन घोषणाओं का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, स्थानीय आय वृद्धि और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
आयुर्वेद और वेलनेस सेक्टर को बढ़त
एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री डॉ. हिरण्मय रॉय के अनुसार, भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां—योग और आयुर्वेद—वैश्विक बाजार में बड़ी संभावनाएं रखती हैं। उत्तराखंड उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेद उत्पादों के उत्पादन और निर्यात के जरिए इस अवसर का लाभ उठा सकता है।
मेडिकल टूरिज्म हब की संभावना
केंद्र सरकार की योजना के तहत देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करती है, तो उत्तराखंड इनमें से एक प्रमुख हब बन सकता है।
इको-फ्रेंडली ट्रैकिंग और सतत पर्यटन
बजट में हिमालयी राज्यों के लिए पर्यावरण के अनुकूल ट्रैकिंग और पर्वतीय मार्ग विकसित करने की घोषणा भी की गई है। इससे हेल्थ और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा भी संभव होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को सतत पर्यटन के लिए “महत्वपूर्ण कदम” बताया है। उनके अनुसार, इससे सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
युवाओं और शिक्षा को लेकर चिंता
कुछ युवा संगठनों ने बजट में घरेलू उच्च शिक्षा को पर्याप्त प्राथमिकता न मिलने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विदेशी शिक्षा पर टैक्स राहत दी गई है, लेकिन देश में शिक्षा की गुणवत्ता और वहनीयता पर ठोस कदम नहीं उठाए गए।
तंबाकू उत्पाद महंगे, स्वास्थ्य संगठनों ने सराहा
तंबाकू उत्पादों की कीमतें बढ़ाने के फैसले का महिला और स्वास्थ्य संगठनों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे युवाओं में तंबाकू की पहुंच कम होगी।
जलवायु और आपदा प्रबंधन पर मिश्रित प्रतिक्रिया
जलवायु विशेषज्ञों ने बजट में जलवायु अनुकूलन के लिए सीमित प्रावधानों पर चिंता जताई है। हालांकि, आपदा जोखिम प्रबंधन कोष को मजबूत किए जाने को सकारात्मक कदम माना गया है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि हिमालयी राज्यों के लिए अलग “ग्रीन बोनस”, पारिस्थितिक मुआवजा या विशेष जलवायु फंड की जरूरत अब भी अधूरी है।
निष्कर्ष
बजट 2026 उत्तराखंड को हेल्थकेयर, आयुर्वेद और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की क्षमता रखता है। हालांकि, शिक्षा, जलवायु अनुकूलन और हिमालयी राज्यों के लिए विशेष आर्थिक सहायता जैसे मुद्दों पर अभी और ठोस नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता बनी हुई है।
