भाजपा नेताओं समेत अन्य ने दी लालकृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई, जानें कितने वर्ष के हो गए?

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देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे लाल कृष्ण आडवाणी को मंगलवार जन्मदिन की बधाई देने के लिए तांता लगा रहा। पीएम मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह ने उनके दीर्घायु होने की कामना की है।

 आज एलके आणवाणी को 95 वर्ष हो गये। पार्टी के नेताओं ने उन्हें जन्मदिन के मौके पर बधाई दी। पार्टी के विकास के सूत्रधार माने जाने वाले आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने (आडवाणी) अपने अथक प्रयासों से देश भर में पार्टी संगठन को मजबूत किया और सरकार का हिस्सा रहते हुए देश के विकास में भी अमूल्य योगदान दिया। शाह ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आडवाणी को प्रेरणा स्रोत बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आडवाणी ने देश, समाज और पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उन्हें देश की दिग्गज हस्तियों में शुमार किया जाता है।

अविभाजित भारत में जन्मे थे लालकृष्ण आडवाणी

भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी तब के अविभाजित भारत में पाकिस्तान के कराची शहर में 1927 में जन्मे थे। आडवाणी कम उम्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हो गए और बाद में जनसंघ के लिए काम किया, जहां उन्होंने अपनी संगठनात्मक क्षमताओं के साथ अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। वह 1980 में भाजपा के संस्थापक सदस्यों में रहे और कई दशकों तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ पार्टी का मुख्य चेहरा बने रहे।

अटल जी की सरकार में रहे केंद्रीय गृहमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में आडवाणी देश के गृह मंत्री रहे और बाद में उन्हें उपप्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। एक प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दल के रूप में भाजपा को स्थापित करने के लिए उन्होंने 1990 के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर रथ यात्रा की । इस घटना को राष्ट्रीय राजनीति में एक युगांतकारी मोड़ के रूप में देखा जाता है जिसके बाद से भाजपा लगातार मजबूत होती चली गई। 95 वर्ष की आयु हो जाने के बाद भी आडवाणी काफी स्वस्थ हैं। वह स्वयं चलते-फिरते हैं। उनके मजबूत इरादों, जीवटता और कर्मठता को देखते हुए ही उन्हें देश का दूसरा लौह पुरुष भी कहा जाता है।