बिहार चुनाव-लोजपा को गठबंधन में शामिल करने पर फैसला चुनाव के बाद-अमित शाह

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बिहार चुनाव का पारा इन दिनों सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ है। हर तरफ बिहार के चुनावी समीकरण की चर्चा हो रही है, चाहें चाय की दुकान हो या फिर बाजार, गली और मुहल्ला। जहां 4 लोग इकट्ठा हो जाते हैं अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशी को जिताने की बात होने लगती है। राजनीतिक पार्टियों के नेता जीत दर्ज करने को एड़ी से छोटी तक जोर लगा रहे हैं, लेकिन जनता सेहरा किसके सिर बांधेगी यह तो 10 नवंबर को ही तस्वीर साफ हो पाएगी। 

वैसे सीधा मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच माना जा रहा है। एनडीए से अलग हुई लोक जनशक्ति पार्टी ने भी गैर बीजेपी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर समीकरण बिगाड़ दिए हैं। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने एनडीए से एलजेपी के अलग होने को लेकर बड़ा खुलासा किया है।उन्होंने कहा कि एनडीए में लोजपा को बनाए रखने के लिए सीट ऑफर की गई थी। चिराग पासवान के साथ कई बार बातचीत हुई पर वे नहीं मानें। यह एक समझौता था जो नहीं हो सका। 

इसका हमें दुख है। लेकिन अब एनडीए में जदयू, भाजपा, वीआईपी और हम का मजबूत गठबंधन है। मजबूत सामाजिक समीकरण के साथ हम चुनावी मैदान में हैं और दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। शनिवार को गृह मंत्री ने लोजपा को ऑफर की गई सीटों का खुलासा करने से परहेज करते हुए कहा कि चुनाव के बाद लोजपा को गठबंधन में शामिल किया जाएगा या नहीं यह चुनाव के बाद देखा जाएगा। फिलहाल वे हमारे खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। 

भाजपा के कार्यकर्ता एनडीए को जिताने का काम करेंगे। दमखम के साथ चुनावी मैदान में हम डटे हैं। भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार हमारे पुराने साथी हैं। गठबंधन का एक धर्म होता है जिसे हम निभा रहे हैं। केवल विस्तार के लिए अकेले चुनाव लड़ना ठीक नहीं। ऊपर मोदीजी और नीचे नीतीश जी, डबल इंजन वाली सरकार बिहार को विकसित राज्य बनाएगी।

गृह मंत्री ने कहा कि लालू-राबड़ी राज के 15 साल में बिहार का विकास ही ठप नहीं था, बल्कि फिरौती उद्योग बढ़ गई थी। गाय का चारा तक खा लिया गया। बेपनाह भ्रष्टाचर, लॉ एंड एंड ऑर्डर, सब खराब थे। अब बहुत अंतर आया। बिहार आज आगे बढ़कर देख रहा है और आगे बढ़ने के लिए तैयार है। यह परविर्तन 15 साल में आया है। मोदीजी के पीएम बनने के बाद इसमें और तेजी आई है।