बड़ा सवालः SDSUV ने बिना मान्यता कैसे जारी की कॉलेजों को मार्कशीट और डिग्री
देहरादून। प्रदेश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय श्रीदेवसुमन उत्तराखण्ड विवि में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। आरटीआई में खुलासा हुआ है कि इस विवि से सम्बद्ध कई निजी कालेज सालों से बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहे हैं। बिना वैध मान्यता के चल रहे इन निजी कालेजों की संख्या दो दर्जन के करीब हैं। मामला का खुलासा होने के बाद विवि के जिम्मेदार इसमें लीपापोती करने में लगे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि साल 2018-2019 के बाद से ही इन निजी कालेजों को सम्बद्धता का कोई पत्र नहीं मिला है। हैरत करने वाली बात तो ये है कि विवि की ओर से इन निजी कॉलेजों में लगातार परीक्षाएं कराई गई हैं। और निजी महाविद्यालय समर्थ पोर्टल पर भी सूचीबद्ध हैं। इसके साथ-साथ इन निजी कालेजों में पढ़ने वाले छात्रों सरकारी योजनाओं के तहत छात्रवृत्ति भी ले रहे हैं। अब मामले में विवि की किरकिरी होते देखे विवि के जिम्मेदारों ने इन सम्बद्ध संस्थानों के नुमाइंदो की बैठक बुलाई है।
इस मामले में विवि के कुलपति एनके जोशी का बयान आया है। कुलपति के मुताबिक सम्बद्ध संस्थानों में शिक्षकों के अनुमोदन और निरीक्षण के सम्बन्ध में विवि 12 स्मरण पत्र भेजे जा चुके हैं। पत्र में साफ कहा गया है 25 मार्च तक संस्थान शिक्षकों का अनुमोदन और निरीक्षण की रिपोर्ट विवि को भेज दें। लेकिन संस्थानों ने यह कार्य नहीं किया।
आरटीआई में हुए खुलासे से प्रदेश में शिक्षा माफियाओं और विवि के जिम्मेदारों के बीच में आपसी गठजोड़ की तरफ इशारा करता है।
विवि के जिम्मेदारों से सवालः
1. विवि ने इन निजी कालेजों में बिना सम्बद्धता के सालों साल परीक्षाएं कैसे सम्पन्न कराई?
2. जब ये निजी कॉलेज विवि से सम्बद्ध नहीं थे तो कैसे इन कॉलेजों को अंकतालिका और डिग्री जारी हुई?
3. बिना मान्यता रिन्यूअल के ये निजी कॉलेज समर्थ पोर्टल पर कैसे सूचीबद्ध कर दिये गये?
4. 12 स्मरण पत्र भेजे जाने के बाद भी जब इन निजी कालेजों ने रिपोर्ट जमा नहीं की जो विवि प्रशासन ने इनके खिलाफ कोई विधि सम्मत एक्शन क्यों नहीं लिया।
5. जब विवि निरीक्षण और सम्बद्धता का कार्य सालों साल नहीं करा पाई वो एक सप्ताह के भीतर कराना संभव है?
6. शिक्षकों का अनुमोदन और निरीक्षण की रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी क्या केवल सम्बन्धित संस्थानों की ही है? निरीक्षण मण्डल की जिम्मेदारी सम्बन्धित कॉलेज में जाकर क्या चाय कॉफी पीने तक ही सीमित है?
7. क्यों सालों साल विवि का प्रशासन, परीक्षा विभाग, वित्त विभाग और मान्यता विभाग इस मामले में आंखे मूंदे रहा?
9. विवि ने इन संस्थानों की परीक्षा फीस किस नियम के तहत और किस मद में जमा की?
