कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में घुसा पानी,बीजेपी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

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सोमवार तड़के से कोलकाता और आसपास के जिलों में भारी बारिश  हुई, जिससे सप्ताह के पहले कार्य दिवस पर सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. मौसम विभाग ने कम से कम एक और दिन और बारिश की संभावना जताई है. इस बीच भारी बारिश के कारण कोलकाता में कई इलाके में भारी जल जमाव हो गया है. कोलकाता के प्रतिष्ठित एसएसकेएम अस्पताल  मे भी पानी घुस गया है. इससे रोगियों को परेशानी हो रही है. बीजेपी ने इसे लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है.

रविवार सुबह एक से सात बजे तक शहर के विभिन्न स्थानों पर 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कई महत्वपूर्ण मार्ग और निचले इलाके घुटने तक पानी में डूब गए. इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अमित मालवीय ने ममता बनर्जी पर विफल होने का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल बीजेपी के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट किया, “जहां बंगाल की अनिर्वाचित स्वास्थ्य मंत्री अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं, वहीं भवानीपुर स्थित कोलकाता के शीर्ष एसएसकेएम अस्पताल के प्रसूति वार्ड में आज सुबह प्रसवपूर्व माताओं की स्थिति है…10 साल से इस सीट पर फेल रहीं ममता बनर्जी!” बता दें कि ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं. बीजेपी उनके खिलाफ प्रियंका टिबरेवाल को उम्मीदवार बनाया है.

बंगाल में भारी बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

दूसरी ओर, क्षेत्रीय मेट्रोलॉजिकल निदेशक जीके दास ने कहा, “बंगाल की उत्तर-पश्चिम खाड़ी से गंगीय पश्चिम बंगाल में चक्रवाती परिसंचरण की गति और मजबूत नमी के कारण, कोलकाता और इससे सटे उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली और पुरबा मेदिनीपुर में भारी वर्षा हो रही है.” उन्होंने कहा कि कोलकाता नगर निगम के ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों में धापा में 136 मिमी, कालीघाट में 115 मिमी और बालीगंज में 109 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के ज्यादातर जिलों में मंगलवार सुबह तक और तेज बारिश या आंधी चलने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे की अवधि के दौरान जिन अन्य स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई, उनमें दक्षिण 24 परगना में कैनिंग (113 मिमी), साल्ट लेक (112.8 मिमी) और कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में दमदम (95 मिमी) शामिल हैं. काम पर जाने की कोशिश कर रहे लोगों को सार्वजनिक परिवहन प्राप्त करने में मुश्किल हो रही थी क्योंकि मूसलाधार बारिश के कारण सार्वजनिक बसों और टैक्सियों की संख्या बहुत कम हो गई थी.