एआईएम संवाद से नवाचार को नई दिशा

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PHOTO DIVISION  (PIB)

The Mission Director, Atal Innovation Mission, Shri Deepak Bagla addressing at the inaugural session of AIM SUMVAAD - Annual Atal Innovation Mission (AIM) Incubator Conclave at Dr. Ambedkar International Centre (DAIC), in New Delhi on January 03, 2026.

राष्ट्रीय इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए अटल इनोवेशन मिशन का प्रमुख सम्मेलन आयोजित

भारत सरकार के नीति आयोग के अंतर्गत अटल इनोवेशन मिशन (AIM) ने नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में अपने प्रमुख वार्षिक इनक्यूबेटर सम्मेलन “एआईएम संवाद” का आयोजन किया। यह सम्मेलन भारत के राष्ट्रीय इनक्यूबेशन इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा, जिसमें देशभर से 100 से अधिक अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC) और अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन में वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों, उद्यमियों, सीएसआर प्रमुखों, मार्गदर्शकों और नवाचार इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न हितधारकों की व्यापक भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी, नीति आयोग के सीईओ श्री बी. वी. आर. सुब्रह्मण्यम, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले, यूएनडीपी इंडिया की रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री एंजेला लुसिगी और एआईएम के मिशन निदेशक डॉ. दीपक बागला ने किया।

इस अवसर पर 100 से अधिक एआईएम समर्थित इनक्यूबेटरों का उत्सव मनाया गया, यूथ को:लैब राष्ट्रीय नवाचार चुनौती 2026 का शुभारंभ किया गया तथा राष्ट्रीय इनक्यूबेटर मूल्यांकन रूपरेखा संकेतकों और राष्ट्रीय इनक्यूबेशन पुरस्कार की घोषणा की गई।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अटल इनोवेशन मिशन ने भारत के नवाचार और उद्यमशीलता इकोसिस्टम को जमीनी स्तर तक पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि लगभग 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से नवाचार आज देश के लगभग हर जिले तक पहुंच चुका है।

डॉ. सिंह ने कहा कि 350 स्टार्टअप्स से शुरू हुई भारत की यात्रा आज 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स के एक जीवंत इकोसिस्टम में बदल चुकी है, जिसने 50,000 से अधिक नौकरियों का सृजन किया है। बजट 2026-27 का उल्लेख करते हुए उन्होंने जैव-प्रौद्योगिकी, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, बायो-फार्मा और जैव-रिफाइनरी जैसे क्षेत्रों में नवाचार को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी ने कहा कि स्टार्टअप-आधारित नवाचार के जरिए उत्पादकता बढ़ाकर ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। वहीं, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने इनक्यूबेटरों को भारत के विकास के लिए “महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचना” बताया और डीप-टेक स्टार्टअप्स की भूमिका पर बल दिया।

सम्मेलन में स्टार्टअप स्केलिंग, तकनीक के व्यावसायीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक, निवेश रणनीतियों और समावेशी नवाचार जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि इनक्यूबेटर अब केवल समर्थन केंद्र नहीं, बल्कि तकनीकी हस्तांतरण और राजस्व सृजन के प्रमुख संस्थान बनते जा रहे हैं।

कार्यक्रम के समापन पर एआईएम मिशन निदेशक डॉ. दीपक बागला ने कहा कि एआईएम संवाद नीति, संस्थागत क्षमता और इकोसिस्टम भागीदारी को एक मंच पर लाकर भारत के लिए उच्च-गुणवत्ता और परिणामोन्मुखी इनक्यूबेशन इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जो प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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