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अमेरिकी चुनाव के नतीजों का बाजार पर असर, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी; निवेशकों की दौलत में 7 लाख करोड़ का इजाफा

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उपशीर्षक: ट्रंप को चुनाव में झटका लगने के बाद भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी का माहौल बना। सेंसेक्स 79 हजार के पार पहुंचा, जबकि निफ्टी में भी शानदार बढ़त दर्ज की गई।

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई। अमेरिकी चुनाव के नतीजों से मिले संकेतों और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1600 अंकों से अधिक उछलकर 79 हजार के स्तर के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 480 अंकों की तेजी देखने को मिली। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को कुछ ही मिनटों में करीब 7 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण भी बढ़कर 500 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

ज्यादातर शेयरों में दिखी खरीदारी

शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स की अधिकांश कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बजाज फाइनेंस और मारुति के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। वहीं इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त रही। हालांकि एयरटेल और एनटीपीसी के शेयरों में दबाव देखने को मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को भी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 93.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे भारत के आयात खर्च और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद है। तेल की कीमतों में नरमी से देश के व्यापार घाटे को भी राहत मिल सकती है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बढ़ा भरोसा

विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी है। बुधवार को विदेशी निवेशकों ने करीब 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा, जब विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदारी की। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 5.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

वैश्विक बाजारों से भी मिले सकारात्मक संकेत

अमेरिकी बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। डाउ जोंस में करीब 3 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त रही। हालांकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। कुछ बाजारों में कमजोरी रही, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेज गिरावट के चलते सर्किट ब्रेकर तक लगाना पड़ा। शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे अमेरिकी चुनाव के नतीजे, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जैसे कई कारकों को अहम माना जा रहा है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी जाती है।

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