देहरादून में जाम से राहत की तैयारी, नए ट्रैफिक प्लान में पार्किंग और सिग्नल पर रहेगा फोकस
उपशीर्षक: मसूरी में 42 पार्किंग स्थल चिह्नित करने के बाद अब राजधानी की यातायात व्यवस्था सुधारने में जुटा प्रशासन, गृह सचिव कर रहे निगरानी
देहरादून। शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव और आए दिन लगने वाले जाम से निपटने के लिए देहरादून की यातायात व्यवस्था में सुधार की योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन अब उन क्षेत्रों को चिह्नित करने में जुटा है, जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। इस पूरी कवायद की निगरानी गृह सचिव शैलेश बगौली कर रहे हैं। अधिकारियों के साथ बैठकों के जरिए यातायात से जुड़ी समस्याओं और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा की जा रही है।
मसूरी के बाद राजधानी की यातायात व्यवस्था पर जोर
मसूरी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन 42 पार्किंग स्थलों को चिह्नित कर चुका है। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुधार की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अब देहरादून में यातायात की स्थिति का आकलन कर इसी तरह की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
पार्किंग की कमी और ट्रैफिक सिग्नल की होगी जांच
देहरादून के लिए प्रस्तावित रोडमैप में नए पार्किंग स्थलों की संभावनाएं तलाशने के साथ जाम से प्रभावित सड़कों और चौराहों की पहचान की जाएगी। ट्रैफिक लाइट्स की मौजूदा स्थिति, उनके संचालन और जरूरत के अनुसार सुधार के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। योजना का उद्देश्य शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना और वाहनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाना है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखकर समाधान तय किए जाएंगे।
बढ़ती आबादी और वाहनों से बढ़ रहा दबाव
देहरादून में आबादी के विस्तार और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ी है। सीमित पार्किंग व्यवस्था और सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होता है। ऐसे में जाम से निपटने के लिए केवल पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाना पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। पार्किंग, सड़क प्रबंधन और ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था में सुधार भी जरूरी है। जिलाधिकारी आशीष चौहान के मुताबिक, मसूरी के बाद देहरादून के लिए भी यातायात सुधार की योजना बनाई जा रही है। इसमें पार्किंग की नई संभावनाओं और ट्रैफिक लाइट्स की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
फिलहाल रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। प्रस्तावित योजना का अंतिम स्वरूप सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि राजधानी में जाम की समस्या कम करने के लिए किन उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी।
