गर्म पानी के स्रोतों से बढ़ेगा पर्यटन, जियोथर्मल पूल में विकसित होगी स्नान सुविधा
देहरादून:राज्य में गर्मपानी के स्रोतों के जरिये पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है। पर्यटन विभाग ने पिथौरागढ़ के मदकोट में ऐसे हॉट स्प्रिंग के माध्यम पर्यटकों को स्नान की सुविधा देने की योजना का खाका खींचा है। इसमें अपेक्षित परिणाम आते हैं, तो अन्य जगहों पर योजना को विस्तार दिया जाएगा।
स्ट्रेस मैनेजमेंट में होता है मददगार
डॉ तिवारी बताते हैं कि गर्मपानी के स्रोत स्ट्रेस मैनेजमेंट में मददगार होते हैं। आइसलैंड में इस पर काफी कार्य हुआ है। वहां की कंपनियां जियो थर्मल पुल को तैयार करती है। अगर कहीं पर स्नान की सुविधा शुरू करनी है तो कई स्तर पर कार्य करना होगा। इसमें पानी में मौजूद तत्वों की जांच, उसमें निकलने वाली गैस का पता किया जाएगा। अगर कोई हानिकारक तत्व नहीं है तो निश्चित तापमान पर गर्म पानी के स्रोत में स्नान किया जा सकता है।
यह है योजना
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल बताते हैं कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पर्यटन क्षेत्रों को विस्तार देने का कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत पिथौरागढ़ जिले के मदकोट में पर्यटन सुविधा को विकसित करने की योजना है। यहां पर कॉटेज बनाया जाएगा। जहां पर ठहरने की सुविधा होगी। इसमें हाट स्प्रिंग के पानी के माध्यम से स्नान की सुविधा दी जाएगी। इसमें महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग स्थान होंगे। इसको शुरू करने से पहले पानी की जांच, सभी सुरक्षा के पहलू आदि का अध्ययन कराया जाएगा। इसमें वाडिया संस्थान की मदद ली जाएगी। नए स्थानों पर नई पहल करने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार को और बढ़ावा मिलेगा।
