BRICS को लेकर कांग्रेस में अलग-अलग सुर, चिदंबरम ने पूछा “भारत को क्या मिला?”, शशि थरूर ने गिनाए फायदे

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नई दिल्ली। भारत में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के आयोजन से पहले इस अंतरराष्ट्रीय समूह को लेकर कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय सामने आई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने पिछले BRICS सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस लाभ पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने BRICS को भारत के लिए महत्वपूर्ण वैश्विक और कूटनीतिक मंच बताया है।

चिदंबरम ने उठाए BRICS की उपयोगिता पर सवाल

पी. चिदंबरम ने BRICS के साथ-साथ SCO, G20 और QUAD जैसे बहुपक्षीय समूहों में भारत की भागीदारी का उल्लेख करते हुए पूछा कि इन मंचों से भारत को ठोस रूप से क्या हासिल हुआ है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो या तीन BRICS शिखर सम्मेलनों से उन्हें कोई महत्वपूर्ण या ठोस परिणाम दिखाई नहीं दिया। चिदंबरम की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन शुरू होने वाला है।

शशि थरूर ने गिनाए BRICS के फायदे

चिदंबरम की टिप्पणी से अलग कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने BRICS के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इसे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया।

थरूर के अनुसार, BRICS में शामिल 11 देश दुनिया की बड़ी आबादी और करीब 41 प्रतिशत वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके मुताबिक, इतने बड़े देशों को एक मंच पर लाना अपने आप में महत्वपूर्ण है।

भारत के लिए मेजबानी को बताया बड़ी उपलब्धि

शशि थरूर ने भारत में BRICS सम्मेलन की मेजबानी को प्रतिष्ठा से जुड़ा अवसर बताया। उनके अनुसार, सम्मेलन के लिए विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का भारत आना देश की कूटनीतिक क्षमता को प्रदर्शित करता है।

उन्होंने इस आयोजन को भारत के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों को एक मंच पर लाने और ग्लोबल साउथ में अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर बताया।

BRICS का आर्थिक और रणनीतिक महत्व

BRICS का दायरा पिछले वर्षों में काफी बढ़ा है। समूह अब आर्थिक सहयोग के साथ व्यापार, वित्त, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रहा है।

भारत की अध्यक्षता में 2026 में BRICS से जुड़े 350 से अधिक बैठक और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन बैठकों में आर्थिक और वित्तीय सहयोग, राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े मुद्दों पर काम हुआ है।

स्थानीय मुद्रा और भुगतान व्यवस्था पर भी चर्चा

BRICS के आर्थिक एजेंडे में सीमा पार भुगतान व्यवस्था को मजबूत करना एक अहम विषय बना हुआ है। BRICS के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक प्रमुखों ने हाल में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार और सदस्य देशों के बीच तेज, कम लागत वाली सीमा पार भुगतान व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।

भारत के लिए कूटनीतिक अवसर

BRICS को लेकर चिदंबरम और थरूर की अलग-अलग राय ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया है। एक तरफ चिदंबरम संगठन से मिलने वाले प्रत्यक्ष परिणामों पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी तरफ थरूर भारत की मेजबानी और BRICS की वैश्विक भूमिका को रणनीतिक अवसर के रूप में देख रहे हैं।

18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होना है। ऐसे में सम्मेलन शुरू होने से पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग नजरिए ने BRICS की उपयोगिता और भारत की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है।

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