दतिया उपचुनाव में बड़ा सियासी दांव, शिवसेना UBT ने नरोत्तम मिश्रा को दिया टिकट का ऑफर, प्रचार के लिए आएंगे उद्धव और आदित्य ठाकरे
भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद अब शिवसेना UBT ने बड़ा सियासी दांव खेला है।
रिपोर्ट के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना UBT ने नरोत्तम मिश्रा को दतिया उपचुनाव में पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। पार्टी नेताओं ने दावा किया है कि यदि नरोत्तम मिश्रा प्रस्ताव स्वीकार करते हैं तो उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे उनके समर्थन में चुनाव प्रचार करने दतिया पहुंचेंगे।
भाजपा ने आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा के इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया और पार्टी नेतृत्व के फैसले के खिलाफ विरोध जताया।
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक दतिया विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में गृह मंत्री समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
शिवसेना UBT ने दिया चुनाव लड़ने का प्रस्ताव
भाजपा में टिकट को लेकर पैदा हुए असंतोष के बीच शिवसेना UBT ने नरोत्तम मिश्रा को अपने टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना UBT के मध्य प्रदेश नेतृत्व ने नरोत्तम मिश्रा से संपर्क कर उन्हें दतिया उपचुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनने की पेशकश की है।
पार्टी का कहना है कि यदि नरोत्तम मिश्रा प्रस्ताव स्वीकार करते हैं तो उन्हें चुनाव में पूरा राजनीतिक और संगठनात्मक समर्थन दिया जाएगा।
उद्धव और आदित्य ठाकरे करेंगे प्रचार
शिवसेना UBT ने नरोत्तम मिश्रा को चुनाव प्रचार में बड़े नेताओं के उतरने का भरोसा भी दिया है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की स्थिति में शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे दतिया पहुंचकर उनके समर्थन में प्रचार करेंगे।
पार्टी मध्य प्रदेश के दूसरे नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी चुनाव अभियान में उतार सकती है।
क्या भाजपा छोड़ेंगे नरोत्तम मिश्रा?
शिवसेना UBT के प्रस्ताव के बाद सबसे बड़ा सवाल नरोत्तम मिश्रा के अगले राजनीतिक कदम को लेकर है।
फिलहाल नरोत्तम मिश्रा की ओर से शिवसेना UBT के प्रस्ताव को स्वीकार करने या भाजपा छोड़ने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
उनका फैसला दतिया उपचुनाव के राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकता है।
2023 में हार गए थे विधानसभा चुनाव
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय से दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। उन्होंने कई बार इस विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है।
2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हराया था।
बाद में कानूनी मामले में राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण दतिया सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
समर्थकों के विरोध से भाजपा की बढ़ी चिंता
नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों ने भाजपा नेतृत्व के फैसले का विरोध किया।
समर्थकों की नाराजगी और शिवसेना UBT के प्रस्ताव के बाद भाजपा के सामने अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती बढ़ सकती है।
दतिया में नरोत्तम मिश्रा का अपना राजनीतिक प्रभाव और समर्थक आधार माना जाता है। ऐसे में उनके अगले कदम पर भाजपा समेत दूसरे राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
30 जुलाई को होगा मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होना है। चुनाव परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे।
उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस पहले ही अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हैं। अब शिवसेना UBT के सियासी दांव ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
नरोत्तम मिश्रा के फैसले पर टिकी नजर
दतिया उपचुनाव में अब सबसे ज्यादा चर्चा नरोत्तम मिश्रा के अगले कदम को लेकर है।
यदि वह शिवसेना UBT का प्रस्ताव स्वीकार करते हैं तो दतिया का चुनावी मुकाबला नया मोड़ ले सकता है। वहीं, भाजपा में बने रहने की स्थिति में पार्टी को उनके समर्थकों की नाराजगी दूर करने की चुनौती होगी।
फिलहाल नरोत्तम मिश्रा ने अपने राजनीतिक भविष्य और शिवसेना UBT के प्रस्ताव को लेकर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है। अब सभी की नजर उनके अगले कदम पर टिकी है।
