मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन, पहली बार दो हिंदू सदस्यों को मिली जगह, 10 सदस्यीय बोर्ड के अध्यक्ष बने सनवर पटेल
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है। नए वक्फ कानून के प्रावधानों के तहत गठित 10 सदस्यीय बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।
राज्य सरकार ने रविवार को इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार, सनवर पटेल को मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को गैर-मुस्लिम सदस्यों के रूप में बोर्ड में जगह दी गई है।
नए वक्फ कानून के तहत हुआ पुनर्गठन
अधिकारियों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 13(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड का पुनर्गठन किया है। वर्ष 2025 में संशोधित कानून के प्रावधानों के अनुसार बोर्ड का गठन किया गया है।
नए कानूनी प्रावधानों के तहत राज्य वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की व्यवस्था की गई है। इसी के तहत मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को जगह मिली है।
10 सदस्यीय बोर्ड का गठन
पुनर्गठित मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में कुल 10 सदस्य शामिल हैं। सनवर पटेल को बोर्ड की कमान सौंपी गई है, जबकि मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
राज्य सरकार के अधिकारियों का दावा है कि नए वक्फ कानून के तहत पुनर्गठित होने वाला यह देश का पहला राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड है, जिसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों को जगह दी गई है।
क्या काम करता है वक्फ बोर्ड?
वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जिसका प्रमुख कार्य राज्य में वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन और संरक्षण करना है। बोर्ड वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड रखता है, उनकी आय और उपयोग की निगरानी करता है तथा अवैध कब्जों से संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाता है।
इसके अलावा वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय का उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण से जुड़े उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित करना भी बोर्ड की जिम्मेदारियों में शामिल है।
वक्फ कानून में बदलाव के बाद बड़ा कदम
वक्फ कानून में हुए संशोधन को लेकर देश में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है। नए प्रावधानों के तहत वक्फ संस्थाओं की संरचना, संपत्तियों के प्रबंधन और गैर-मुस्लिम सदस्यों के प्रतिनिधित्व से जुड़े कई बदलाव किए गए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बोर्ड का पुनर्गठन नए कानूनी प्रावधानों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया पर रहेगी नजर
वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने के बाद इस फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। फिलहाल राज्य सरकार ने नए बोर्ड का गठन कर इसकी जिम्मेदारियां तय कर दी हैं।
आने वाले दिनों में पुनर्गठित वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नए कानूनी प्रावधानों के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।
