राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ बनकर रह गए सिर्फ नारे
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक और औद्योगिक नीतियों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के प्रमुख अभियान ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहे हैं और अब केवल नारे बनकर रह गए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, रोजगार और आयात पर निर्भरता को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने, छोटे और मध्यम उद्योगों को समर्थन देने तथा युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करने की जरूरत है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े दावों और प्रचार के बावजूद घरेलू उद्योगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने चीन से होने वाले आयात को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात करती है, दूसरी तरफ कई क्षेत्रों में विदेशी आयात पर भारत की निर्भरता बनी हुई है।
उन्होंने दावा किया कि देश के छोटे कारोबारी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े लोग आर्थिक नीतियों के कारण दबाव का सामना कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा नहीं होने से देश के युवाओं के सामने भी गंभीर चुनौती बनी हुई है।
कांग्रेस नेता ने सरकार से ऐसी आर्थिक नीति अपनाने की मांग की, जिसमें घरेलू उद्योगों, छोटे कारोबारियों और श्रमिकों को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती के लिए उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना जरूरी है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को लेकर बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
कांग्रेस और भाजपा के बीच आर्थिक नीतियों, रोजगार, मैन्युफैक्चरिंग और चीन से आयात के मुद्दे पर लंबे समय से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद इन मुद्दों पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
