केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान के 23 आतंकियों को UAPA के तहत घोषित किया ‘आतंकवादी’
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में सक्रिय 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत व्यक्तिगत रूप से “आतंकवादी” घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इन आतंकियों के नाम यूएपीए की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं।
सरकार के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश आतंकी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं। इन पर भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने, आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, घुसपैठ और आतंकी हमलों में भूमिका निभाने के आरोप हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि यूएपीए के तहत किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा और मजबूत हो जाता है। इस प्रावधान का उद्देश्य आतंकवाद से जुड़े व्यक्तियों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
2019 संशोधन के बाद मिली थी शक्ति
वर्ष 2019 में यूएपीए में संशोधन के बाद केंद्र सरकार को किसी संगठन के साथ-साथ किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित करने का अधिकार मिला था। इससे पहले केवल संगठनों को ही आतंकवादी संगठन घोषित किया जा सकता था। इसी प्रावधान के तहत पहले भी मसूद अजहर, हाफिज सईद, दाऊद इब्राहिम, जकी-उर-रहमान लखवी और अब्दुल रऊफ असगर सहित कई आतंकियों को सूचीबद्ध किया जा चुका है।
आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के प्रति उसकी “जीरो टॉलरेंस” नीति जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस ताजा कार्रवाई को सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ भारत की लगातार चल रही रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे आतंकियों और उनके सहयोगी तंत्र पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
