भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान, बोले, जल्दबाजी में नहीं होगा कोई समझौता
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी व्यापार समझौते पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर नहीं करेगा। सरकार केवल ऐसे समझौते को मंजूरी देगी, जो देश के किसानों, उद्योगों, एमएसएमई और निर्यातकों के हितों की पूरी तरह रक्षा करे।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की प्राथमिकता ऐसा व्यापार समझौता है, जिससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ लाभ मिले। उन्होंने कहा कि यदि भारत को अपेक्षित लाभ नहीं मिलता है तो समझौते को अंतिम रूप देने में समय लग सकता है, लेकिन राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
टैरिफ बढ़त पर अटका समझौता
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत चाहता है कि अमेरिका भारतीय निर्यात को वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, बांग्लादेश और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अधिक अनुकूल टैरिफ व्यवस्था दे। सरकार का मानना है कि ऐसी बढ़त मिलने पर ही भारतीय उद्योगों को वास्तविक लाभ मिलेगा।
अधिकांश मुद्दों पर बनी सहमति
गोयल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ कानूनी और टैरिफ से जुड़े विषयों पर बातचीत जारी है। दोनों देशों के अधिकारी अंतिम चरण की वार्ता में शामिल हैं और शेष मुद्दों के समाधान का प्रयास कर रहे हैं।
दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण समझौता
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह समझौता लागू होने पर व्यापार, निवेश और बाजार पहुंच को नई गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारत ने साफ कर दिया है कि किसी भी समझौते पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय हितों और भारतीय उद्योगों के दीर्घकालिक लाभ को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
