पीएम मोदी का ओडिशा और बंगाल दौरा आज से, PM-KISAN की 23वीं किस्त जारी करेंगे, योग दिवस कार्यक्रम में भी होंगे शामिल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi 20 और 21 जून को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, किसानों को बड़ी सौगात देंगे तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व भी करेंगे।
दौरे की शुरुआत पश्चिम बंगाल से होगी, जहां प्रधानमंत्री हुगली जिले के तारकेश्वर में पश्चिम बंग दिवस समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
PM-KISAN की 23वीं किस्त होगी जारी
दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 23वीं किस्त का वितरण होगा। प्रधानमंत्री देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर करेंगे। पश्चिम बंगाल के 45 लाख से अधिक किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्री स्टैक, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी कई कृषि योजनाओं की शुरुआत भी करेंगे।
योग दिवस कार्यक्रम का करेंगे नेतृत्व
21 जून को प्रधानमंत्री कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” रखी गई है। कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।
तीन स्वदेशी नौसैनिक जहाजों का होगा कमीशनिंग
कोलकाता प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री तीन स्वदेशी रूप से निर्मित नौसैनिक जहाजों INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू के साथ ओडिशा में करेंगे कार्यक्रम
ओडिशा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मुर्मू के साथ मयूरभंज जिले के रायरंगपुर और पहाड़पुर क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दोनों नेता 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं ऊर्जा, सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़ी हैं।
प्रधानमंत्री झारसुगुड़ा में 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास, कृषि, रक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संगम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इससे पूर्वी भारत में केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
