NCR में बसेंगे 4 नए ‘नमो शहर’, 15 साल में 14.73 करोड़ आबादी के दबाव से निपटने की तैयारी
- NCRPB की 42वीं बैठक में बड़ा फैसला, 5,000 करोड़ रुपये के फंड से विकसित होंगे हाईटेक शहर, प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘परिवर्तन’ योजना को भी मंजूरी
दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में दिल्ली के बाहर चार नए सेमी-ग्रीनफील्ड “नमो शहर” विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इन शहरों का विकास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर किया जाएगा और इन्हें क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत ट्रेन के प्रमुख स्टेशनों के आसपास बसाया जाएगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
15 साल में दोगुनी होगी NCR की आबादी
रीजनल प्लान-2041 के अनुसार वर्तमान में NCR की आबादी लगभग 7.86 करोड़ है, जो अगले 15 वर्षों में बढ़कर 14.73 करोड़ तक पहुंच सकती है। यानी इस क्षेत्र में करीब 7 करोड़ नए लोग जुड़ेंगे। बढ़ती आबादी के दबाव को देखते हुए NCR की भौगोलिक सीमा में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा। इसके बजाय नए “नमो शहर” विकसित कर आबादी और आर्थिक गतिविधियों को दिल्ली से बाहर आकर्षित किया जाएगा।
प्रतियोगिता के आधार पर चुने जाएंगे शहर
नमो शहरों के चयन के लिए NCR राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस परियोजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का विशेष फंड निर्धारित किया गया है। इसमें 1,000 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि ऋण और गारंटी सहायता के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इस फंड का उपयोग सड़क, परिवहन, जलापूर्ति, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा।
हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रीन क्रेडिट मॉडल
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत “ग्रीन कैनोपी क्रेडिट्स” और “स्पेशल डेवलपमेंट राइट्स (SDR)” जैसे आधुनिक तंत्र लागू किए जाएंगे।
ग्रीन कैनोपी क्रेडिट्स के माध्यम से पेड़ लगाने और हरित क्षेत्र बढ़ाने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं SDR व्यवस्था के तहत विकास अधिकारों का हस्तांतरण और व्यापार संभव होगा, जिससे योजनाबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘परिवर्तन’ योजना
NCR में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पुरानी बसों और ट्रकों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की नई योजना को भी मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार की इस रिप्लेसमेंट स्कीम को अब “परिवर्तन” नाम दिया गया है।
योजना के तहत पुराने और BS-IV मानकों वाले वाहनों को हटाकर उनकी जगह BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए वाहन मालिकों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा।
NCRPB का मानना है कि नए नमो शहर, हरित विकास मॉडल और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था भविष्य में NCR को अधिक टिकाऊ, सुव्यवस्थित और प्रदूषण मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
