ज्योर्तिमठ में बारिश और ओलावृष्टि अभिषेक अग्रवाल, ज्योर्तिमठ/देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से सर्दी विदा लेने को तैयार नहीं है।
मंगलवार दोपहर बाद से ज्योर्तिमठ में वर्ष की पहली अतिवृष्टि के साथ सर्दियों ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाए दोपहर बाद तेज बारिश के साथ कुछ देर ओलावृष्टि हुई, जिससे मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही हवाएं एक बार फिर सर्द हो गई हैं।
जमकर हुई बारिश और ओलावृष्टि दोपहर के बाद मौसम बदलने के साथ ही आकाशीय गर्जना के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस साल की पहली अतिवृष्टि में बरसात का मौसम याद दिला दिया। लगभग 2 घंटे हुई इस तेज बारिश के बाद छोटे नालों और गदेरों में पानी का बहाव तेज हो गया है।
ओलावृष्टि से वृक्षों की कोपलें झड़ीं ओलावृष्टि होने के कारण फलदार वृक्षों पर आ रहे फूल भी झड़ गए है। यह समय पतझड़ के बाद फलदार वृक्षों पर नई कोपलें आने का होता है। ऐसे में ओलावृष्टि होने से पैदावार पर फर्क पड़ सकता है। चूली, पोलम, खुमानी इत्यादि की खेती करने वाले लक्ष्मण फरकीय, हुकुम सिंह, सुशील थपलियाल आदि किसानों का मानना है कि यदि यह ओलावृष्टि बरकरार रहती है, तो फसलों को नुकसान होना संभव है।
कहते हैं कि काफी हद तक इन फलदार वृक्षों के फूल इस पहली ओलावृष्टि में ही झड़ चुके हैं।