राज्य की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता ऋण, 2027 तक पार हो सकता है एक लाख करोड़

0
IMG-20260309-WA0027-780x470

भराड़ीसैंण (गैरसैंण)।
सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी राज्य उत्तराखंड पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में राज्य पर कुल कर्ज का आंकड़ा 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। अनुमान है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो मार्च 2027 तक राज्य का कुल कर्ज एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकता है।

राज्य गठन के समय उत्तराखंड पर करीब 9 हजार करोड़ रुपये का ही कर्ज था, लेकिन समय के साथ यह तेजी से बढ़ता गया। खासकर वर्ष 2010-11 से 2019-20 के बीच कर्ज में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि वर्ष 2020-21 के बाद कर्ज की वृद्धि दर में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन कुल कर्ज का आंकड़ा लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है।

एक साल में 11 हजार करोड़ बढ़ा कर्ज

बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य पर करीब 83 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर लगभग 94 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी एक ही वर्ष में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वित्त सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार वर्ष 2020-21 के बाद कर्ज की वृद्धि दर में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने बताया कि राज्य का कर्ज अभी जीएसडीपी के लगभग 25 प्रतिशत के आसपास है, जो कि निर्धारित 30 प्रतिशत की सीमा से काफी कम है।

एफआरबीएम एक्ट की सीमा के भीतर कर्ज

उन्होंने कहा कि राज्य का ऋण अभी Fiscal Responsibility and Budget Management Act (एफआरबीएम एक्ट) के तहत तय सीमा के भीतर है और आने वाले वर्षों में भी इसके इसी दायरे में रहने का अनुमान है।

हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य की आय के स्रोतों में तेजी से वृद्धि नहीं हुई तो भविष्य में कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में सरकार के लिए राजस्व बढ़ाना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा।

आगामी वर्षों में कर्ज का अनुमान

बजट अनुमान के अनुसार:

  • 2025-26 में राज्य पर कुल कर्ज लगभग 99,632 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

  • 2026-27 में यह बढ़कर करीब 1,04,245 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के लिए राज्य सरकार को लगातार उधारी लेनी पड़ती है, जिसके कारण कर्ज का आंकड़ा बढ़ रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि कर्ज अभी वित्तीय प्रबंधन की तय सीमा के भीतर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *