उत्तराखंड: UKSSSC परीक्षा में नकली गिरोह का पर्दाफाश, STF की कार्रवाई
उत्तराखंड एसटीएफ ने UKSSSC परीक्षा में नकल गिरोह का किया भंडाफोड़
उत्तराखंड में उत्तराखंड सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ एसटीएफ द्वारा किया गया है। गिरोह के सदस्य छात्रों से परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए बड़ी रकम की मांग करते थे। यह गिरोह ऑनलाइन परीक्षा के दौरान छात्रों को पास कराने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपये की राशि वसूल करता था।
एसटीएफ द्वारा इस गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई में महेन्द्र डिजिटिल जोन परीक्षा केंद्र में छापेमारी की गई। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड और उसके सहयोगी छात्रों से बड़ी रकम लेकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का दावा करते थे। गिरोह ने छात्रों से पैसे लेकर परीक्षा केंद्र में नकल करने की सुविधा दी थी, जिसमें फर्जी IP एड्रेस का इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस ने जानकारी दी कि इस गिरोह का ऑपरेशन पूरी तरह से ऑनलाइन था, और इसमें नेटवर्क के जरिए छात्रों को नकल कराने के लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले के खुलासे के बाद, एसटीएफ ने केंद्र को सील कर दिया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, गिरोह के अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई जारी है।
गिरोह के द्वारा इस्तेमाल की जा रही तकनीकी विधियों में सबसे बड़ा मुद्दा फर्जी IP एड्रेस का था, जिससे परीक्षा के दौरान ऑनलाइन सिस्टम को धोखा दिया जाता था। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह डिजिटल प्लेटफॉर्म और हैकिंग तकनीक का उपयोग कर छात्रों को नकल करने में मदद करता था। एसटीएफ द्वारा की गई कार्रवाई में अन्य नकल माफियाओं की पहचान भी की जा रही है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
उत्तराखंड पुलिस ने यह भी बताया कि इस गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और इसे केवल एक उदाहरण के रूप में लिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी नकल माफिया को बढ़ावा न मिले। राज्य सरकार ने भी नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाने का विचार किया है और आगामी दिनों में इस मुद्दे पर और कार्यवाही की योजना बनाई है।
पुलिस और एसटीएफ की यह कार्रवाई उन छात्रों के लिए भी एक चेतावनी है, जो परीक्षा में नकल करने के प्रयास करते हैं, यह कार्यवाही उन्हें यह समझाने के लिए है कि शिक्षा और परीक्षा में धोखाधड़ी करना कभी भी फायदे का सौदा नहीं हो सकता।
