टिहरी झील में मिड-एयर स्टंट फेल, दो पैराग्लाइडर पायलटों की जान बची
एरोबैटिक करतब के दौरान तकनीकी गड़बड़ी, सैकड़ों फीट नीचे झील में गिरे; SDRF ने चलाया तेज रेस्क्यू ऑपरेशन
उत्तराखंड की टिहरी झील के ऊपर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जब मिड-एयर स्टंट के दौरान दो पेशेवर पायलट झील में जा गिरे। राहत की बात यह रही कि स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की तत्परता से दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया।
घटना तीन दिवसीय एक्रो फेस्टिवल और SIV चैंपियनशिप के दौरान हुई, जिसमें कई देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे थे। मोनू ठाकुर और गौरव ठाकुर, जो हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं, टैंडम फ्लाइट में एरोबैटिक मूव कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक स्टंट के दौरान उनका नियंत्रण बिगड़ गया और वे तेज़ी से नीचे गिरते हुए सीधे टिहरी झील में जा गिरे।
झील किनारे मौजूद दर्शकों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मौके पर तैनात SDRF टीम ने तुरंत कार्रवाई की। रबर की मोटरबोट से पानी में पहुंचकर जवानों ने दोनों पायलटों को बाहर निकाला। प्राथमिक जांच में पुष्टि हुई कि दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि हादसा संभवतः तकनीकी खराबी के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार, एक पैराशूट सही तरीके से खुल नहीं पाया, जिसके कारण पायलटों को झील में उतरना पड़ा। उन्होंने कहा कि दोनों पायलट प्रशिक्षित और अनुभवी थे।
SDRF के सब-इंस्पेक्टर पंकज खरौला ने बताया कि पायलटों ने प्रतापनगर से उड़ान भरी थी और उनकी लैंडिंग कोटी गांव के पास निर्धारित थी। सुरक्षा के मद्देनज़र पहले से तैनात रेस्क्यू टीमों की वजह से बचाव कार्य तेजी से संभव हो सका।
यह चैंपियनशिप 11 देशों के प्रतिभागियों के साथ आयोजित की गई थी और शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में इसका समापन हुआ। अधिकारियों ने कहा कि पूरे आयोजन के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।
