उत्तराखंड ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को दी मंज़ूरी, बनेगा स्वच्छ ऊर्जा हब
हाइड्रोपावर क्षमता के दम पर राज्य करेगा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, रक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसले भी मंज़ूर
देहरादून: स्वच्छ ऊर्जा और सामरिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड कैबिनेट ने ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस नीति को स्वीकृति दी गई, जिसका उद्देश्य राज्य की विशाल जलविद्युत क्षमता का उपयोग कर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देना है।
सरकार के अनुसार, यह नीति राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 2023 के अनुरूप तैयार की गई है। राज्य अपने प्रचुर जल संसाधनों का उपयोग कर न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा बल्कि एक नया औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।
✈️ सीमा सुरक्षा को मजबूती
कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक निर्णय लेते हुए उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ और चमोली के गौचर हवाईपट्टी को रक्षा मंत्रालय को सौंपने की मंजूरी दी। इन हवाईपट्टियों को एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सैन्य और नागरिक संचालन मजबूत होंगे।
💧 भूजल उपयोग पर नया शुल्क
पर्यावरण संरक्षण के तहत सरकार ने गैर-कृषि और वाणिज्यिक उपयोग के लिए भूजल दोहन पर शुल्क लगाने का फैसला किया है। उद्योग, होटल, वॉटर पार्क और ग्रुप हाउसिंग सोसायटी अब ज़ोन की स्थिति (सुरक्षित से अति-दोहन क्षेत्र) के आधार पर निर्धारित दरों से शुल्क देंगे। हालांकि, कृषि और सरकारी पेयजल योजनाओं को छूट दी गई है।
🏗️ भूमि अधिग्रहण में नई व्यवस्था
राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए सरकार ने आपसी सहमति से भूमि अधिग्रहण की नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। इससे 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून से जुड़ी लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचा जा सकेगा और परियोजनाओं की लागत व समय दोनों कम होंगे।
🏥 स्वास्थ्य कर्मचारियों को राहत
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कर्मचारियों के लिए एकमुश्त अंतर-जिला स्थानांतरण नीति लागू की गई है। पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
🏭 औद्योगिक और जनजातीय विकास को बढ़ावा
उधम सिंह नगर स्थित प्राग फार्म की 1,354.14 एकड़ भूमि को SIDCUL को सब-लीज पर देने की स्वीकृति भी दी गई। साथ ही, जनजातीय क्षेत्रों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए चार नए जिला जनजातीय कल्याण अधिकारी पद सृजित किए गए हैं।
