गणतंत्र दिवस 2026: बीटिंग रिट्रीट में गूंजेंगी मनमोहक भारतीय सैन्य धुनें

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29 जनवरी को विजय चौक पर संगीत, परंपरा और सैन्य गौरव के साथ होगा 77वें गणतंत्र दिवस समारोहों का भव्य समापन

राष्ट्रीय राजधानी के हृदय स्थल विजय चौक में 29 जनवरी 2026 की संध्या को आयोजित होने वाला पारंपरिक ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का औपचारिक और भव्य समापन करेगा। यह समारोह भारतीय सशस्त्र बलों की समृद्ध संगीत परंपरा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का जीवंत प्रदर्शन होगा।

इस प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान विजय चौक देशभक्ति से ओत-प्रोत मधुर, जोशीली और भावनात्मक भारतीय सैन्य धुनों से गूंज उठेगा। समारोह में भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के बैंड संयुक्त और व्यक्तिगत प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ सैन्य एवं असैन्य अधिकारीगण, विदेशी गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहेंगे।

समारोह की शुरुआत संयुक्त बैंड द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रसिद्ध सैन्य मार्च ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ से होगी, जो साहस, एकता और बलिदान की भावना को दर्शाता है। इसके पश्चात पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड द्वारा ‘अतुल्य भारत’, ‘वीर सैनिक’, ‘मिली जुली’, ‘नृत्य सरिता’, ‘मरूनी’ और ‘झेलम’ जैसी मधुर धुनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जो भारतीय संगीत की विविधता को प्रतिबिंबित करेंगी।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड ‘विजय भारत’, ‘हथरोही’, ‘जय हो’ और ‘वीर सिपाही’ जैसी ऊर्जावान धुनों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर देंगे। भारतीय वायु सेना का बैंड ‘ब्रेव वॉरियर’, ‘ट्विलाइट’, ‘अलर्ट’ और ‘फ्लाइंग स्टार’ की प्रस्तुति देकर साहस और सतर्कता की भावना को सजीव करेगा।

वहीं, भारतीय नौसेना का बैंड ‘नमस्ते’, ‘सागर पवन’, ‘मातृभूमि’, ‘तेजस्वी’ और ‘जय भारती’ की प्रस्तुतियों के माध्यम से समुद्री शक्ति और राष्ट्रीय गौरव को अभिव्यक्त करेगा। इसके बाद भारतीय थल सेना का बैंड ‘विजयी भारत’, ‘आरम्भ है, प्रचंड है’, ‘ऐ वतन, ऐ वतन’, ‘आनंद मठ’, ‘सुगम्य भारत’ और ‘सितारे हिन्द’ जैसी भावनात्मक और देशप्रेम से ओत-प्रोत धुनें प्रस्तुत करेगा।

समारोह के अंतिम चरण में संयुक्त बैंड्स द्वारा ‘भारत के शान’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके पश्चात बुगलरों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली अमर देशभक्ति धुन ‘सारे जहाँ से अच्छा’ के साथ इस भव्य और गरिमामय समारोह का समापन होगा, जो राष्ट्र की एकता और अखंडता का प्रतीक है।

इस वर्ष के ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह की एक विशेष सांस्कृतिक पहचान यह भी है कि विजय चौक पर दर्शकों के लिए बनाए गए एन्क्लोज़र्स के नाम भारतीय पारंपरिक वाद्य यंत्रों—जैसे बाँसुरी, डमरू, एकतारा, इसराज, मृदंगम्, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सारिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा—के नाम पर रखे गए हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हैं।

‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह न केवल एक संगीत प्रस्तुति है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र, सैन्य अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी है, जो हर वर्ष गणतंत्र दिवस समारोहों को एक भावनात्मक और गौरवपूर्ण समापन प्रदान करता है।

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