राष्ट्रपति भवन में ऐतिहासिक क्षण: EU नेतृत्व का भव्य स्वागत

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77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद व आयोग की अध्यक्ष, भारत-EU रणनीतिक साझेदारी पर जोर

महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष महामहिम एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष महामहिम उर्सुला वॉन डेर लेयेन का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों गणमान्य अतिथि 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत आए हैं। राष्ट्रपति ने उनके सम्मान में औपचारिक भोज का आयोजन भी किया।

यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ की यह पहली सहभागिता भारत-EU संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह आपसी विश्वास व साझेदारी की गहराई को दर्शाती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोप लोकतंत्र, बहुलवाद और खुली बाज़ार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हैं, जो तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में मार्गदर्शक सिद्धांत बने हुए हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछले दो दशकों में भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुई है, जो नियम-आधारित और संतुलित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

वैश्विक अनिश्चितताओं और संघर्षों के संदर्भ में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ पर वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी है और दोनों का सहयोग कूटनीति, बहुपक्षवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सशक्त संदेश देता है।

आर्थिक सहयोग को संबंधों का प्रमुख स्तंभ बताते हुए राष्ट्रपति ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ी ऐतिहासिक वार्ताओं के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इससे व्यापार, निवेश और जनकल्याण को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी का प्रभाव आज समाज और अर्थव्यवस्था दोनों पर गहराई से पड़ रहा है और भारत तथा यूरोपीय संघ “जिम्मेदार नवाचार” को आगे बढ़ाने में मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस दौरान संपन्न सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते को दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के लिए नए अवसरों का द्वार बताया गया।

राष्ट्रपति ने स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु वित्त और सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

तीनों नेताओं ने विश्वास जताया कि इस यात्रा के दौरान संपन्न हुए समझौते भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देंगे और भारत व यूरोपीय संघ मिलकर एक सतत, समावेशी और मानवीय भविष्य के निर्माण में योगदान करेंगे।

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