सीमान्त जनपद का राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हुआ शिक्षकविहीन
राजकीय स्नातकोत्तरमहाविद्यालय गोपेश्वर जनपद चमोली से कई प्राध्यापकों को श्रीदेवसुमन विश्वविद्यालय टिहरी मुख्यालय में दिनांक 27.11.2025 को सम्बद्ध किया गया है, तथा सम्बद्धीकरण से पूर्वपैतृक/मूलविभाग उच्चशिक्षा विभाग और उत्तराखण्ड शासन, से कोई भी लिखित आदेश प्राप्त नही हुये हैं, न ही मा0 मंत्री/मा0 मुख्यमंत्री जी की अनुमति प्राप्त की गयी है। संबंधित प्राध्यापक उच्चशिक्षा विभाग के कार्मिक हैं जिनके वेतन का आहरण उच्चशिक्षा विभाग से होता है।
इस संबंध में शासनादेश संख्या 1155/xxx(2)/2007, दिनांक 28 जून, 2007 में दी गयी शर्तों का भी विश्वविद्यालय द्वारा उल्लंघन किया गया है। शासनादेश में स्पष्ट व्यवस्था है कि किसी भी विभाग में किसी भी दशा में कार्मिकों का सम्बद्धीकरण न किया जाय, यदि कोई किसी कार्मिक की इतनी ही आवश्यकता है तो सम्बद्धीकरण न करते हुए प्रतिनियुक्ति के आधार पर कार्मिकों की पूर्ति शासन के अनुमोदन क उपरान्त नियमानुसार किया जाय। पर वाह रे श्रीदेवसुमन वि0वि0 के कुलपति और कुल सचिव आव न देखा ताव मैदानी क्षेत्रों के इन शिक्षकों को जुगाड प्रथा के तहत श्रीदेवसुमन वि0वि0 में नियमों एवं मानकों की अनदेखी कर वि0वि0 में बिना पद के सम्बद्ध कर दिया, क्यांेंकि गोपेश्वर से इन शिक्षकों के घर 500-600 किमी की दूरी पर हैं, किन्तु श्रीदेवसुमन विश्वविद्यालय इनका सम्बद्धीकरण किये जाने के बाद इनके घरों की दूरी 100, 150 किमी हो जायेगी, है ना वि0वि0 का कमाल।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर सीमान्त जनपद चमोली का एक मात्र उच्चशिक्षण संस्थान है, जिसकी परिधि में 100 से अधिक इण्टरमीडिएट कॉलेज हैं।संबंधित इण्टरमीडिएट कॉलेजों के 12वीं उर्त्तीण छात्र/छात्रायें अध्ययन के लिये इस महाविद्यालय में आते हैं, यह महाविद्यालय सीमान्त जनपद के मुख्यालय में अवस्थित है, महाविद्यालय से समय-समय पर अध्ययन कर बहुत से छात्र/छात्रायें देश विदेेशों में सर्वाेच्च सेवायें भी दे चुके हैं और दे रहे हैं। शिक्षकविहीन होने पर छात्र उच्च शिक्षा एवं शोध कार्य के लिए श्रीनगर, देहरादून के लिए पलायन करेंगे।
पहाड में पलायन रोकने के लिए धामी सरकार द्वारा व्यवसायिक शिक्षा एवं रोजगारपरक कार्यक्रम में विशेष ध्यान दे रही है। बी0एड0 तथा बी0सी0ए0 व्यवसायिक पाठ्यक्रम के शिक्षक न होने से छात्र कहां पढाई करेंगे, यह भविष्य की गर्त में है।
विश्वविद्यालय की कारगुजारी देखने योग्य है कि विश्वविद्यालय का परिसर ऋषिकेश जिस पर पूर्णता वि0वि0 का स्वामित्व है, वहां पर भी बी0सी0ए0 पाठ्यक्रम है तथा वि0वि0 मुख्यालय में बी0सी0ए0 पाठ्यक्रम है जहां पर बच्चे पढाई कर रहे है। यह पाठ्यक्रम स्ववित्त पोषित आधार पर चल रहे हैं व यहां पर अतिथि शिक्षक लगाये गये है, किन्तु विगत कई वर्ष पूर्व इस महाविद्यालय में सरकार द्वारा बी0सी0ए0 पूर्णरूप से स्वीकृत किया गया तथा अध्यापकों के पद भी स्वीकृत किये गये, जिसके विरूद्ध एक अध्यापक की तैनाती पर की गयी थी, किन्तु वाह से श्रीदेवसुमन वि0वि0 आज तक इस पाठ्यक्रम की ईंट भी नहीं रखी गयी है जिससे यह वि0वि0 सरकार नीतियों एवं दृष्टिकोणको ध्वस्त कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कहा जाता रहा है कि गोपेश्वर महाविद्यालय वि0वि0 का कैम्पस कालेज हैतथा सभी अध्यापक व कर्मचारी इनके अण्डर है, किन्तु इन अध्यापकों एवं कर्मचारियों की सैलरी उच्च शिक्षा विभाग से ही निकल रही है, है ना हैरतअंगेज काण्ड।
वि0वि0 ऐसे सीमान्त जनपद विरोधी एवं पहाड विरोधी कुलपति व कुलसचिव को तुरन्त हटाकर अच्छे लोगों को सरकार द्वारा तैनात करना चाहिए जिस से पहाड के बच्चो को व्यायवसायिक एवं रोजगार योग्य शिक्षा प्राप्त हो सके तथा पलायन रूक सके व पहाड की डेमोग्राफी बदल न सके।
गोपेश्वर से शिक्षकों को लाने की गणित तो देखो यदि परीक्षा कार्यों हेतु प्राध्यापकों का सम्बद्धीकरण किया जाना आवश्यक था तो विश्वविद्यालय के पं0 ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश से किया जाना उचित होता, जहॉ पर विश्वविद्यालय का पूर्ण स्वामित्व है तथा जहॉपर 100 से अधिक प्राध्यापक कार्यरत हैं, जिनकी सैलरी एवं अन्य समस्त कार्य श्रीदेवसुमन विश्वविद्यालय से होते हैं।
रसायनविज्ञान, बी0एड0 एवं बी0सी0ए0 जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्राध्यापकों का सीमान्त जनपद के प्रतिष्ठित महाविद्यालय से सम्बद्धीकरण श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय मुख्यालय, बादशाहीथौल में किये जाने का मामला क्षेत्रीय जनसमुदाय, छात्र समुदाय एवं जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में आने पर उनके द्वारा कडी आपत्ति व्यक्त की गयी है तथा बृहद आन्दोलन की धमकी देने को यह लोग मजबूर है जिससे भविष्य में शासन, प्रशासन व सरकार की फजीहत होने की पूर्ण संभावना है।
अतः सीमान्त जनपद की विषम भौगोलिक व छात्र समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुयें आपसे अनुरोध है कि विश्वविद्यालय व छात्रहित में तत्काल प्रभाव से राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर के सभी प्राध्यापकों का सम्बद्धीकरण निरस्त कर उन्हें महाविद्यालय हेतु मूल तैनाती स्थल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के लिए कार्य मुक्त किया जाय।
