‘कठोर नकल कानून’ के बावजूद भी उत्तराखण्ड में नकलमाफिया के हौंसले बुलंद!
देहरादून। बीते दिन यानि शनिवार को देहरादून पुलिस और उत्तराखण्ड एसटीएफ ने नकल माफिया हाकम सिंह और उसके साथी गिरफ्तार किया। लेकिन रविवार को यूकेएसएसएससी की परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद ही पेपर लीक होकर सोशल मीडिया में तैरने लगा। इस घटना के बाद से उत्तराखण्ड में सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी करना वाला युवा हताश और निराश है।
आयोग ने माना प्रश्न पत्र के तीन पन्ने बाहर आएः उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन गणेश शंकर मर्ताेलिया ने पेपर लीक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्न पत्र से जुड़े तीन पन्ने बाहर आए हैं हालांकि, शुरुआती जांच में यह पन्ने पढ़ने योग्य नहीं पाए गए हैं। चेयरमैन ने यह भी बताया कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। ऐसे में यह बड़ा सवाल बनकर उभरा है कि फिर भी ये पन्ने बाहर कैसे आए?
बताते चलें कि 20 सितंबर यानि शनिवार को देहरादून पुलिस और एसटीएफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यूकेएसएसएससी एग्जाम से पहले अभ्यर्थियों के साथ ठगी करने वाले दो आरोपी पंकज गौड़ और हाकम सिंह की गिरफ्तारी की थी। इस मामले पर बेरोजार संघ का कहना है कि उन्होंने इस खुलासे से पहले 9 सितंबर को एसटीएफ को एक ऑडियो दिया था, जिसमें पंकज गौड़ यूकेएसएसएससी पेपर देने वाले किसी अभ्यर्थी को अपने जाल फंसा रहा है और 15 लाख रुपए की डिमांड के साथ देहरादून बुला रहा है।
बेरोजगार संघ का दावा है कि इस ऑडियो के बाद ही एसटीएफ अलर्ट मोड पर आई थी और उसके बाद ही शनिवार को पंकज गौड़ और हाकम सिंह की गिरफ्तारी की गई।
सोमवार को सचिवालय कूचः पेपर लीक का दावा करने के बाद अब बेरोजगार संघ ने 22 सितंबर को देहरादून के परेड ग्राउंड में इकट्ठा होकर सचिवालय कूच करने का ऐलान किया है। साथ ही इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करने की मांग रखी है।
