बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक, ‘कूद-कूदकर बोलना आता है’ बयान पर गर्माया माहौल
पटना, 24 जुलाई 2025 – बिहार विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक गर्मागर्मी से भर गया है। लगातार दूसरे दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच गुरुवार को जबरदस्त वाकयुद्ध हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों नेता व्यक्तिगत कटाक्ष तक पहुंच गए।
सदन में SIR (State Identification Register) मुद्दे पर चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम पर तंज कसते हुए कहा, “इन्हें तो सिर्फ कूद-कूद कर बोलना आता है।” इस टिप्पणी पर सम्राट चौधरी भी भड़क गए और तेजस्वी को जवाब देते हुए कहा, “क्या सिर्फ तुम ही कूदकर बोल सकते हो?”
सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि SIR के ज़रिए बार-बार सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि 1992 में लालू यादव ने कहा था कि घुसपैठियों को बिहार से बाहर करना है और 2005 में ममता बनर्जी ने भी इसी तरह का बयान दिया था।
सम्राट ने कहा कि “बिहार से बाहर गए 26 लाख लोगों को चिन्हित किया गया है। 2005 में 11% लोग बिहार से बाहर जाते थे, जबकि आज यह आंकड़ा घटकर 2% से भी नीचे आ गया है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट है और सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई वैध दलित, पिछड़ा या सवर्ण समाज के व्यक्ति का नाम नहीं कटेगा।
तेजस्वी यादव का पलटवार
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के बयानों को झूठा और भ्रामक करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार सदन को गुमराह कर रही है और यह सारी बातें झूठे आंकड़ों पर आधारित हैं। उन्होंने तंज कसा कि “सम्राट चौधरी को सिर्फ कूद-कूद कर बोलना आता है।”
इस बयान के बाद सदन में हंगामा और बढ़ गया। सम्राट चौधरी भी पीछे नहीं हटे और उन्होंने भी तेजस्वी पर पलटवार किया।
डेटा और आंकड़ों की जंग
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सदन में सरकारी आंकड़ों के हवाले से कहा कि:
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करीब 18 लाख लोग मृत्य दर्ज किए गए हैं।
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26 लाख लोग बिहार से बाहर चले गए हैं।
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वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार, अब बिहार से बाहर जाने वालों की संख्या 2% से अधिक नहीं है।
नीतीश बनाम तेजस्वी: एक दिन पहले भी भिड़ंत
बुधवार को भी सदन में जबरदस्त बहस देखी गई थी, जब तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से SIR प्रक्रिया पर सवाल पूछे। इस पर नीतीश कुमार ने तीखा जवाब देते हुए कहा:
“पहले सुनो ना! जब तुम्हारी उम्र कम थी, तब तुम्हारे पिताजी और माताजी मंत्री थे। उस समय क्या हुआ था? पिछले 20 साल में हमने जो किया, वो सबके सामने है।”
बिहार विधानसभा में जारी यह सत्र एक बार फिर से राजनीतिक टकराव का अखाड़ा बनता जा रहा है। जहां एक ओर सरकार अपनी नीतियों और आंकड़ों के दम पर खुद को मजबूत साबित करने में लगी है, वहीं विपक्ष सवालों की बौछार कर रहा है।
सदन में बढ़ती तल्खी से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और भी गरमाहट देखने को मिलेगी।
