भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता: पीएम मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर करेंगे हस्ताक्षर, ‘ब्रांड इंडिया’ को मिलेगा वैश्विक बढ़ावा

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modi and uk pm

लंदन/नई दिल्ली, 24 जुलाई 2025 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय लंदन दौरे पर हैं, जहां वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर गुरुवार को हस्ताक्षर करेंगे। यह ऐतिहासिक समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने के साथ-साथ ‘ब्रांड इंडिया’ की वैश्विक पहचान को मजबूत करने का काम करेगा।

इस समझौते को “विस्तृत आर्थिक और व्यापार समझौता” (Comprehensive Economic and Trade Agreement) नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

‘ब्रांड इंडिया’ को मिलेगी वैश्विक पहचान

इस डील में खास फोकस भारतीय पारंपरिक उत्पादों पर है – जैसे कि कोल्हापुरी चप्पलें, बनारसी और चंदेरी साड़ियां, हस्तनिर्मित वस्त्र और चमड़े के उत्पाद। इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है, जिससे यह समझौता लिंग-समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

ब्रिटेन ने कहा है कि यह समझौता महिला उद्यमियों, श्रमिकों और व्यवसायों के लिए नए अवसर खोलेगा। भारतीय उत्पादों को ब्रिटिश बाजार में रियायती दरों पर पहुंच मिलने से महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्योगों को लाभ होगा।

महिलाओं और कारीगरों को मिलेगा सीधा लाभ

समझौते में पहली बार भारत ने लैंगिक समानता (Gender Equality) से जुड़े प्रावधान शामिल किए हैं, जो महिला व्यापार मालिकों, उद्यमियों और श्रमिकों के लिए व्यापार के रास्ते खोलेंगे। ब्रिटिश सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि यह FTA महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाएगा और व्यापार के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।

इसके अलावा, समझौते का एक उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक डिजाइनों की रक्षा करना भी है। इससे पश्चिमी फैशन ब्रांड्स द्वारा भारतीय कारीगरी की ‘कॉपी’ किए जाने पर भी रोक लग सकेगी।

हाल ही में फैशन ब्रांड Prada पर यह आरोप लगा था कि उसने भारतीय कोल्हापुरी चप्पलों के डिज़ाइन को 2026 के मेन्सवियर कलेक्शन में शामिल किया, लेकिन भारत की विरासत का कोई उल्लेख नहीं किया।

 टैरिफ में कटौती, भारतीय उत्पादों को बिना शुल्क बाजार में एंट्री

FTA के तहत भारत ने अपने 90% टैरिफ में कटौती की है, जिससे ब्रिटेन से आने वाले उत्पादों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% हो जाएगा। बदले में, ब्रिटेन ने भारतीय उत्पादों को 99% टैरिफ-फ्री एक्सेस देने की मंजूरी दी है।

इससे भारत के लिए ब्रिटिश बाजार में निर्यात करना आसान और सस्ता होगा, विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, जूते और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में – जहां भारत पहले से एक अग्रणी आपूर्तिकर्ता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यह समझौता न केवल व्यापार को गति देगा, बल्कि भारत में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा, विशेष रूप से महिला कारीगरों और ग्रामीण उद्यमों के लिए। भारत की हस्तनिर्मित विरासत और पारंपरिक उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और स्थानीय शिल्पकारों की आय में भी वृद्धि होगी।

📌 मुख्य बिंदु:

  • समझौते पर हस्ताक्षर: पीएम मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर

  • टारगेट ट्रेड वैल्यू: 2030 तक 120 अरब डॉलर

  • मुख्य उत्पाद: कोल्हापुरी चप्पलें, बनारसी/चंदेरी साड़ियां, चमड़े और कपड़ा उद्योग

  • महत्व: महिला सशक्तिकरण, ‘ब्रांड इंडिया’ का प्रचार, भारतीय डिजाइनों की सुरक्षा

  • टैरिफ में छूट: भारतीय निर्यात का 99% अब यूके में टैरिफ-फ्री

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