सपा पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बृजेश पाठक का हमला: “अब तो हद हो चुकी है, सपा ने नगरपालिका कार्यालय पर भी कर लिया कब्जा”
लखनऊ, 22 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी सत्ता में रहते हुए लगातार जमीन, दुकान और सरकारी परिसरों पर अवैध कब्जा करती रही है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने पीलीभीत में नगरपालिका की संपत्ति पर सपा द्वारा कब्जा किए जाने को “सत्ता का स्पष्ट दुरुपयोग” करार देते हुए कड़ी टिप्पणी की है।
“अब तो हद हो चुकी है”: बृजेश पाठक
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा,
“अब तो हद हो चुकी है, जब सपा ने नगरपालिका कार्यालय के अंदर कब्जा कर अपना पार्टी कार्यालय बना लिया। कोर्ट ने भी इस पर तीखी टिप्पणी की है और जो लोग कोर्ट में अपील करने गए थे, उन पर फटकार लगाई है। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं। सपा जब-जब सत्ता में रही है, जमीनों और दुकानों पर कब्जा करना ही इनकी प्राथमिकता रही है।”
कांवड़ यात्रा पर भी निशाना
पाठक ने कांवड़ यात्रा को लेकर सपा पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा,
“कुछ अराजक तत्व जो सपा का समर्थन करते हैं, वे कांवड़ियों के भेष में यात्रा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई को अच्छी तरह समझती है और ऐसे षड्यंत्र सफल नहीं होंगे।”
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई सपा को फटकार?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पीलीभीत नगरपालिका की जमीन को महज ₹115 किराए पर कब्जाने के मामले में सपा को फटकार लगाई। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इसे “राजनीतिक शक्ति और पद का दुरुपयोग” बताते हुए कहा:
“यह कोई साधारण धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि यह बाहुबल और सत्ता का दुरुपयोग करके सरकारी जमीन पर कब्जा करने का मामला है। आप एक राजनीतिक दल हैं, और इस तरह की हरकतें करना बेहद शर्मनाक है। क्या आपने कभी नगरपालिका क्षेत्र में 115 रुपये किराए पर कार्यालय मिलने की बात सुनी है?”
राजनीतिक तूफान के संकेत
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। बृजेश पाठक के बयान से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को आगामी चुनावी माहौल में भुनाने की तैयारी में है, जबकि सपा की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश राजनीतिक डेस्क
